इनकम टैक्स का नाम सुनते ही कई लोगों को भारी-भरकम कैलकुलेशन और कागजी कार्रवाई की चिंता होने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का अपना ‘एडवांस टैक्स कैलकुलेटर’ इस काम को कितना आसान बना देता है? अगर आप एक सैलरीड प्रोफेशनल हैं, फ्रीलांसर हैं या बिजनेस चलाते हैं, तो एडवांस टैक्स का कैलकुलेशन आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां हम समझेंगे कि इनकम टैक्स पोर्टल पर मौजूद इस टूल का इस्तेमाल कैसे करें और यह आपके लिए क्यों जरूरी है।
टैक्स के नियम कहते हैं कि अगर पूरे साल में आपकी अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे ज्यादा बनती है, तो आपको साल खत्म होने तक इंतजार नहीं करना चाहिए। सरकार चाहती है कि आप जैसे-जैसे कमाई करें, वैसे-वैसे थोड़ा-थोड़ा टैक्स भी भरते रहें। इसी सिस्टम को एडवांस टैक्स कहा जाता है।
अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और आपकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है, तो आपको इसमें छूट मिलती है। लेकिन बाकी सभी लोगों के लिए एडवांस टैक्स चार किश्तों में भरना जरूरी होता है, जो जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च में देनी होती हैं। अगर आप तय समय पर ये टैक्स नहीं भरते, तो सेक्शन 234B और 234C के तहत आपको ब्याज भी देना पड़ सकता है।
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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक बहुत ही यूजर-फ्रेंडली ‘टैक्स कैलुकेलटर’ दिया गया है। इसका उपयोग करने का तरीका बहुत आसान है:
जब आप इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि रिजल्ट सही मिलें। सबसे पहले, यह तय करें कि आप ‘न्यू टैक्स रिजीम’ चुनना चाहते हैं या ‘ओल्ड टैक्स रिजीम’। नया टैक्स रिजीम अब ‘डिफॉल्ट’ ऑप्शन है, जिसमें टैक्स की दरें कम हैं लेकिन अधिकतर डिडक्शन (छूट) नहीं मिलते।
इसके अलावा, अगर आपका TDS पहले ही कट चुका है, तो कैलकुलेटर में उसे घटाना न भूलें। टूल आपको वह नेट अमाउंट दिखाएगा जो आपको खुद से जमा करनी है।
नेक्सडिग्म के ग्लोबल पेरोल और कंप्लायंस मैनेजर अमित कामथे के मुताबिक, समय पर एडवांस टैक्स का कैलकुलेशन करने से न केवल आप आखिरी समय की भागदौड़ से बचते हैं, बल्कि भारी पेनल्टी से भी सिक्योरिटी मिलती है। 15 मार्च तक एडवांस टैक्स की पूरी 100% राशि जमा हो जानी चाहिए, इसलिए इस कैलकुलेटर का उपयोग साल के शुरुआती महीनों में ही कर लेना समझदारी है।