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स्टॉक्स और MF से आगे: Reits, AIFs, क्रिप्टो, कलेक्टिबल्स में निवेश के नए मौके

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निवेशक Reits, AIFs, फ्रैक्शनल रियल एस्टेट, क्रिप्टो और कलेक्टिबल्स में निवेश कर पोर्टफोलियो को सुरक्षित, विविध और लंबे समय में अच्छा मुनाफा सकते हैं

Last Updated- September 29, 2025 | 6:37 PM IST
investment
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

आजकल निवेश सिर्फ स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स तक ही सीमित नहीं रह गया है। निवेशक अब ऐसे विकल्पों की ओर भी देख रहे हैं जो पारंपरिक निवेश से अलग हों और निवेश के नए अवसर देते हों। इन विकल्पों में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (Reits), अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs), रियल एस्टेट फ्रैक्शनल ओनरशिप, क्रिप्टो-डिजिटल एसेट्स और कलेक्टिबल्स निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

Reits निवेशकों को सीधे प्रॉपर्टी खरीदने की झंझट के बिना किराया या बिक्री के मुनाफे में हिस्सा लेने का मौका देते हैं। वहीं AIFs में प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल और डिस्ट्रेस्ड एसेट्स में निवेश का मौका मिलता है। रियल एस्टेट फ्रैक्शनल ओनरशिप छोटे निवेशकों को महंगी प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी लेने की सुविधा देती है। जबकि क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स ब्लॉकचेन आधारित नए अवसर ला रहे हैं। साथ ही कलेक्टिबल्स जैसे आर्ट, वाइन और दुर्लभ चीजों में निवेश आपको भावनात्मक जुड़ाव के साथ लंबे समय में तगड़ा मुनाफा दे सकती है। इन वैकल्पिक निवेशों से पोर्टफोलियो में विविधता और निवेश का एक नया अनुभव भी मिलता है। आइए एक-एक कर सभी विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स

Reits उन निवेशकों के लिए हैं जो प्रॉपर्टी में हिस्सा चाहते हैं लेकिन सीधे खरीदने की झंझट नहीं लेना चाहते। Reits प्रॉपर्टी से मिलने वाले किराया या बिक्री के मुनाफे को निवेशकों में बांटते हैं। उदाहरण के लिए, सिंगापुर में सेंचुरियन एकोमोडेशन Reit ने हाल ही में IPO के जरिए 771.1 मिलियन डॉलर जुटाए। इसका लिस्टिंग के दिन 11 फीसदी तक का बढ़ना बाजार में Reits के प्रति भरोसा दिखाता है। अमेरिका में भी ऑफिस स्पेस और डेटा सेंटर्स में पहली छमाही में निवेश 42 फीसदी बढ़ा है।

अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स

AIFs ऐसे फंड हैं जो प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल या डिस्ट्रेस्ड एसेट्स में निवेश करते हैं। यहां निवेशकों को स्टॉक मार्केट से अलग, अच्छे रिटर्न की संभावना रहती है। भारत में रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में बैंकों के निवेश नियमों में ढील दी है। अब कोई बैंक किसी एक स्कीम में सिर्फ 10 फीसदी निवेश करेगा और कुल योगदान 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। इससे निवेशकों के लिए AIFs में निवेश आसान और लचीला हो गया है।

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रियल एस्टेट फ्रैक्शनल ओनरशिप

यह तरीका छोटे निवेशकों को महंगी प्रॉपर्टी में हिस्सा लेने का मौका देता है। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग कम रकम से हिस्सेदारी खरीद सकते हैं, जैसे वेकेशन होम्स या कमर्शियल स्पेस। दुबई में न्यूनतम निवेश सिर्फ 136 डॉलर से शुरू होता है। सऊदी अरब में अगले छह महीनों में 266 मिलियन डॉलर के डील्स का लक्ष्य रखा गया है। अमेरिका में AI और स्मार्ट बिल्डिंग्स जैसी टेक्नोलॉजी के साथ ये मॉडल और मजबूत हो रहे हैं।

क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स

क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित निवेश हैं। अमेरिकी नियामकों ने हाल ही में क्रिप्टो exchange-traded funds (ETFs) के लिए नियम आसान किए हैं, जिससे नए प्रोडक्ट्स सिर्फ 75 दिनों में लॉन्च हो सकते हैं। सोलाना और एक्सआरपी जैसे एसेट्स पर आधारित फंड्स अक्टूबर में आ सकते हैं। मोर्गन स्टेनली ई-ट्रेड अगले साल बिटकॉइन, ईथर और सोलाना ट्रेडिंग शुरू करेगा। टोकनाइजेशन के जरिए कैश, स्टॉक्स और रियल एस्टेट भी ब्लॉकचेन पर लाए जा रहे हैं।

कलेक्टिबल्स में निवेश

कलेक्टिबल्स जैसे आर्ट, वाइन और एंटीक चीजों में निवेश एक भावनात्मक जुड़ाव के साथ आपको मुनाफा भी दे सकता है। फाइन वाइन में 2025 के लिए सतर्क उम्मीद है, कुछ दुर्लभ बोतलें अब पुराने स्तर से सस्ती मिल रही हैं। आर्ट मार्केट में सुधार दिख रहा है और अमीर कलेक्टर्स नए निवेश के लिए एक्सपर्ट्स की मदद ले रहे हैं। एशिया में युवा अमीर वर्ग हैंडबैग्स, घड़ियाँ और प्रिंट्स पर ज्यादा खर्च कर रहा है। ये एसेट्स स्टॉक मार्केट से कम जुड़े रहते हैं और लंबे समय में और महंगे हो सकते हैं।

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First Published - September 29, 2025 | 6:37 PM IST

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