ATM Withdrawal Rules: कई बार ऐसा होता है कि लोग एटीएम से पैसे निकालने जाते हैं, लेकिन मशीन से नकद नहीं निकलता और खाते से राशि कट जाती है। यह स्थिति किसी भी बैंक ग्राहक के लिए काफी परेशान करने वाली होती है। हालांकि ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इसके लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं, जिनके तहत ग्राहकों को उनका पैसा वापस मिलना तय है।
अगर एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाए और फिर भी खाते से पैसे कट जाएं, तो कुछ आसान कदम उठाकर ग्राहक अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं।
अगर एटीएम से पैसे नहीं निकलते लेकिन खाते से राशि कट जाती है, तो सबसे पहले लेनदेन से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखें। इसमें बैंक से आया डेबिट एसएमएस या अलर्ट, एटीएम मशीन का स्थान, लेनदेन की तारीख और समय जैसी जानकारी शामिल होती है। यह जानकारी शिकायत दर्ज कराने के दौरान काम आती है।
ग्राहक को जल्द से जल्द अपने बैंक में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यह शिकायत बैंक के मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल या कस्टमर केयर के माध्यम से की जा सकती है। आम तौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कर देना बेहतर माना जाता है ताकि बैंक मामले की जांच जल्दी शुरू कर सके।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार यदि एटीएम से नकद नहीं निकलता लेकिन खाते से पैसे कट जाते हैं, तो बैंक को इस समस्या का समाधान पांच कार्य दिवस के भीतर करना होता है। इस अवधि के भीतर बैंक को ग्राहक के खाते में पूरी राशि वापस जमा करनी होती है।
अगर बैंक तय समय सीमा के भीतर ग्राहक को पैसा वापस नहीं करता है, तो उसे मुआवजा भी देना पड़ सकता है। आरबीआई के नियमों के अनुसार देरी होने पर बैंक को प्रतिदिन 100 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है। यह राशि तब तक लागू रहती है जब तक कि ग्राहक के खाते में पैसा वापस जमा नहीं हो जाता।
यदि बैंक शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करता है, तो ग्राहक भारतीय रिजर्व बैंक की शिकायत प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आरबीआई के ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है, जहां बैंक से जुड़े मामलों की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।