facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अस्पताल खुद बनेंगे बीमाकर्ता, मरीजों के लिए हो सकती है राहत!

Advertisement

अस्पतालों का बीमाकर्ता बनना दावों और इलाज की कीमतों में विवाद घटाकर स्वास्थ्य सेवा को किफायती बना सकता है।

Last Updated- February 23, 2026 | 7:26 AM IST
health insurance
Representative Image

नारायणा हेल्थ के अध्यक्ष व संस्थापक देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा कि अधिक अस्पताल अपनी बीमा शाखाएं शुरू करते हैं तो अस्पतालों और बीमा कंपनियों में दावों व इलाज की कीमतों को लेकर विवाद भी सुलझ सकते हैं। अस्पतालों की बीमा शाखाएं खुलने से कीमतों के प्रति अस्पतालों के दृष्टिकोण में मौलिक रूप से बदलाव आएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को मुनासिब दाम में मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 5-7 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के मामले में किसी व्यक्ति की संपदा से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शेट्टी ने मुंबई में एक्चुअरीज के 25वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीमा कंपनियों और अस्पतालों के साथ समस्या सार्वभौमिक है और भारत कोई अपवाद नहीं है। दरअसल, अस्पताल अधिक धन चाहते हैं और बीमा कंपनियां कम भुगतान करना चाहती हैं।

शेट्टी ने कहा, ‘लेकिन जैसे-जैसे अधिक से अधिक स्वास्थ्य बीमा कंपनियां आएंगी, वैसे-वैसे बीमा के अभिनव तरीकों के कारण इसमें सुधार होगा। जैसे एक अस्पताल, जब वह एक बीमा कंपनी बन जाता है तो खेल के नियम बदल जाते हैं। दरअसल मैं एक बीमा कंपनी के रूप में अधिक पैसा नहीं कमाना चाहता क्योंकि मैं चाहता हूं कि अपने मरीजों की देखभाल करने की स्थिति में रहना चाहता हूं। स्वास्थ्य सेवा के प्रति पूरा दृष्टिकोण बदल जाएगा जब अस्पताल स्वास्थ्य बीमा कंपनियां बन जाएंगे। ऐसे में कई और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों, डिजिटल-चालित बीमा कंपनियों का प्रवेश होगा।’

उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों का बीमाकर्ता बनना स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र – अस्पतालों, बीमा कंपनियों और मरीजों – में हितधारकों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

शेट्टी ने कहा कि देश में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या लगभग तीन गुना हो गई है और मरीजों की देखभाल के लिए पर्याप्त बिस्तर (बेड) हैं। देश में स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने में एकमात्र गायब कड़ी यह है कि 70 प्रतिशत लोगों के पास स्वास्थ्य सेवा के लिए भुगतान करने के लिए नकदी नहीं हो सकती है। हालांकि शेट्टी को उम्मीद है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और निजी स्वास्थ्य बीमा के साथ अगले 5 से 7 वर्षों में सभी के लिए कॉर्पोरेट अस्पताल या सरकारी अस्पताल में देखभाल के लिए प्रवेश करने के लिए पर्याप्त कवरेज होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईएमआई-आधारित प्रीमियम भुगतान भी जनता के लिए स्वास्थ्य बीमा को वहनीय बनाने में मदद करेगा।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्चुअरीज संस्थान को एक्चुअरीज के 25वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस के लिए बधाई देते हुए अपने संदेश में वित्तीय समावेशन और सुरक्षा का विस्तार करने के लिए शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं के कैलिब्रेशन और सफलता में एक्चुअरीज के महत्त्व को रेखांकित किया।

Advertisement
First Published - February 23, 2026 | 7:26 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement