आज के दौर में क्रेडिट कार्ड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। शॉपिंग, ट्रैवलिंग से लेकर तुरंत पैसों की जरूरत तक, यह हमेशा हमारे काम आता है। लेकिन अक्सर लोग ऑफर्स के चक्कर में कई क्रेडिट कार्ड ले लेते हैं, पर बाद में उन्हें संभालना मुश्किल लगने लगता है और वे किसी एक कार्ड को बंद करने का मन बना लेते हैं।
अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए! यह आसान सा दिखने वाला फैसला आपके क्रेडिट स्कोर को तगड़ा झटका दे सकता है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं कि क्रेडिट कार्ड बंद करने का आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड बंद करने का सीधा असर आपके स्कोर पर पड़ता है। इस बारे में विभवांगल अनुकूलकरा प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य बताते हैं, “जब आप एक क्रेडिट कार्ड बंद करते हैं, तो बैंक आपकी कुल क्रेडिट लिमिट को उस कार्ड की लिमिट जितना कम कर देता है। ऐसे में अगर आप अपने दूसरे कार्ड्स का बकाया बैलेंस तुरंत नहीं चुकाते हैं, तो आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात (Credit Utilization Ratio) अचानक बढ़ जाता है। एक हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो क्रेडिट रेटिंग के लिए निगेटिव माना जाता है।”
इसके साथ ही, Zaggle के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन डॉ. राज पी नारायणम का कहना है कि एक कार्ड बंद करने से आपके क्रेडिट स्कोर में 10 से 50 अंकों तक की गिरावट आ सकती है। नारायणम के अनुसार, “यह फैसला मुख्य रुप से तीन पैरामीटर्स को प्रभावित करता है। पहला, यह आपकी कुल मौजूद क्रेडिट लिमिट को घटाकर यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ा देता है। दूसरा, यह आपके क्रेडिट हिस्ट्री को छोटा करता है, और तीसरा, यह आपके क्रेडिट मिक्स (Credit Mix) को कमजोर कर सकता है।”
अक्सर लोग सोचते हैं कि जो कार्ड सबसे पुराना है और जिसका इस्तेमाल अब वे नहीं करते, उसे बंद कर देना चाहिए। लेकिन एक्सपर्ट्स इसे एक बेहद खराब रणनीति मानते हैं।
नारायणम चेतावनी देते हुए कहते हैं, “अपने सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करना नए कार्ड को बंद करने के मुकाबले कहीं ज्यादा नुकसानदेह है। आपका सबसे पुराना कार्ड आपके क्रेडिट हिस्ट्री का आधार होता है और इसमें सालों के पॉजिटिव रीपेमेंट रिकॉर्ड होते हैं। भले ही अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले बंद खाते आपकी रिपोर्ट पर 10 साल तक दिखते हैं, लेकिन आखिरकार वे वहां से हट जाते हैं, जिससे आपकी औसत क्रेडिट उम्र (Average Credit Age) कम हो जाती है। इसलिए पुराना कार्ड बंद करने की कीमत बहुत बड़ी होती है।”
इस बात से सहमति जताते हुए मौर्य कहते हैं, “अगर आपके सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड पर कोई सालाना फीस (Annual Fee) नहीं है और उसे मेंटेन करना आसान है, तो उसे बंद करने के बजाय चालू रखना ही सबसे समझदारी भरा फैसला है।”
उनके अनुसार, ग्राहकों को विशेष रूप से उस कार्ड को बंद करने से बचना चाहिए जो बाकी कार्ड्स के मुकाबले सबसे ज्यादा क्रेडिट लिमिट देता हो या जिसका क्रेडिट हिस्ट्री सबसे लंबा हो।
अगर किसी वजह से कार्ड बंद करना बेहद जरूरी हो ही जाए, तो आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि आपके स्कोर को कम से कम नुकसान हो। मौर्य सलाह देते हैं, “कार्ड कैंसल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उसके सारे बकाया ड्यूज़ (Dues) पूरी तरह क्लियर हों। साथ ही, उस कार्ड से जुड़े सभी ऑटोमैटिक पेमेंट्स को दूसरे कार्ड पर शिफ्ट कर दें।”
वहीं नारायणम कुछ और व्यावहारिक टिप्स देते हैं। वे कहते हैं, “कार्ड बंद करने से पहले अन्य सभी कार्ड्स का बैलेंस इतना कम कर दें कि बंद होने के बाद भी आपका कुल क्रेडिट यूटिलाइजेशन 30% से नीचे रहे। इसके अलावा, कार्ड पर मौजूद सभी रिवॉर्ड पॉइंट्स को भुना (Redeem) लें, क्योंकि ज्यादातर बैंक इन्हें जब्त कर लेते हैं। अगर आप सालाना फीस से बचना चाहते हैं, तो सीधे कार्ड बंद करने के बजाय बैंक से उसे माफ (Waiver) करने की बात करें। सबसे जरूरी बात, अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में यह जरूर चेक करें कि स्टेटस में ‘Closed by Customer’ (ग्राहक द्वारा बंद) लिखा हो, न कि ‘Closed by Issuer’ (बैंक द्वारा बंद), क्योंकि बैंक द्वारा बंद किए गए कार्ड को भविष्य के लोनदाता नकारात्मक रूप से देखते हैं।”
यदि कार्ड बंद करने के बाद आपका क्रेडिट स्कोर कम हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। जिम्मेदारी के साथ इसे दोबारा सुधारा जा सकता है।
मौर्य कहते हैं, “क्रेडिट स्कोर को दोबारा बेहतर बनाने के लिए अपने सभी ऋणों का भुगतान हमेशा समय पर करें, क्रेडिट इस्तेमाल को 30% से नीचे रखें और बार-बार नए क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए अप्लाई करने से बचें। सुरक्षित और असुरक्षित क्रेडिट का सही मिश्रण रखने और नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों की जांच करने से स्कोर सुधरता है। हालांकि, इसमें समय और लगातार अनुशासित रहने की जरूरत होती है।”
डॉ. राज पी नारायणम के मुताबिक, “गिरे हुए स्कोर को दोबारा पटरी पर लाने में आमतौर पर तीन से छह महीने का समय लगता है। इस दौरान कम से कम तीन महीने तक किसी भी नई क्रेडिट एप्लिकेशन से बचें। अपने मौजूदा कार्ड्स को छोटी-मोटी और नियमित खरीदारी के लिए एक्टिव रखें। याद रखें, क्रेडिट स्कोर एक संकेत है, कोई अंतिम फैसला नहीं; यह आपके लगातार अच्छे व्यवहार से सुधर जाता है।”