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क्रेडिट कार्ड, BNPL या पर्सनल लोन? जानिए अचानक पैसों की जरूरत में कौन सा विकल्प पड़ेगा सबसे सस्ता

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क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और BNPL तीनों उधार के अलग-अलग विकल्प हैं, जिनका चुनाव अपनी जरूरत, भुगतान क्षमता और लागत को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

Last Updated- June 04, 2026 | 11:49 AM IST
Credit Card vs BNPL vs Short Term Loan
Representative image

Credit Card vs BNPL vs Short Term Loan: क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और बाय नाउ पे लेटर (BNPL) ऐसी सुविधाएं हैं जिनका इस्तेमाल लोग अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर करते हैं। हालांकि, इन तीनों विकल्पों की लागत, ब्याज दर और भुगतान की शर्तें अलग-अलग होती हैं। इसलिए किसी भी विकल्प को चुनने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है।

क्रेडिट कार्ड, शॉर्ट टर्म लोन और BNPL में क्या अंतर है?

क्रेडिट कार्ड बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी किया जाता है। इसके जरिए ग्राहक जरूरत पड़ने पर उधार राशि खर्च कर सकता है और बाद में तय तारीख तक उसका भुगतान कर सकता है। यह एक तरह की “रिवॉल्विंग क्रेडिट” सुविधा होती है, जिसमें ग्राहक अपनी निर्धारित क्रेडिट लिमिट तक बार-बार पैसा इस्तेमाल कर सकता है। बकाया राशि चुकाने के बाद उतनी ही लिमिट फिर से उपलब्ध हो जाती है।

वहीं, शॉर्ट टर्म क्रेडिट या अल्पकालिक पर्सनल लोन एक निश्चित राशि का कर्ज होता है। यह आमतौर पर बिना किसी गारंटी के दिया जाता है और इसे कुछ दिनों से लेकर 12 या 24 महीनों के भीतर चुकाना होता है। क्रेडिट कार्ड की तरह इसमें बार-बार पैसे निकालने की सुविधा नहीं होती। एक बार पूरी राशि इस्तेमाल होने के बाद दोबारा जरूरत पड़ने पर नया लोन लेना पड़ता है।

BNPL (बाय नाउ पे लेटर) ऐसी सुविधा है, जिसमें ग्राहक किसी उत्पाद या सेवा को तुरंत खरीद सकता है और पूरा भुगतान बाद में किस्तों में कर सकता है। बैंक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या दुकानदार ग्राहक की ओर से विक्रेता को भुगतान कर देते हैं। इसके बाद ग्राहक उस राशि को आसान मासिक किस्तों (EMI) में चुकाता है।

ब्याज दरें कैसे काम करती हैं?

क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि ग्राहक निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा बकाया चुका देता है, तो उसे कोई ब्याज नहीं देना पड़ता। यह ब्याज-मुक्त अवधि आमतौर पर 30 से 45 दिनों की होती है, जबकि कुछ मामलों में यह 60 दिनों तक भी हो सकती है।

हालांकि, यदि ग्राहक बकाया राशि को अगले महीने तक जारी रखता है और पूरा भुगतान नहीं करता, तो उस पर काफी ऊंची ब्याज दर लग सकती है। कई मामलों में क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर 30 से 40 फीसदी सालाना तक पहुंच सकती है। इसलिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय समय पर भुगतान करना बेहद जरूरी माना जाता है।

क्रेडिट कार्ड के मुकाबले पर्सनल लोन पर आमतौर पर सालाना 10 फीसदी से 24 फीसदी तक ब्याज लिया जाता है। किसी व्यक्ति को कितना ब्याज देना होगा, यह उसकी उम्र, आय, नौकरी की स्थिति और क्रेडिट स्कोर जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। अच्छा क्रेडिट स्कोर और स्थिर आय वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।

Credit Card vs BNPL vs Short Term Loan: भुगतान अवधि और बिलिंग के नियम

क्रेडिट कार्ड रिवॉल्विंग क्रेडिट के आधार पर काम करते हैं। इसका मतलब है कि ग्राहक अपनी निर्धारित क्रेडिट लिमिट के भीतर बार-बार खर्च और भुगतान कर सकता है। उधार ली गई राशि का पूरा भुगतान एक साथ किया जा सकता है या फिर उसे ईएमआई में भी बदला जा सकता है।

क्रेडिट कार्ड का बिलिंग साइकल अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों में अलग हो सकता है, जो आमतौर पर 27 से 31 दिनों के बीच होता है। ग्राहक को नियत तिथि तक या तो पूरा बकाया चुकाना होता है या कम से कम न्यूनतम देय राशि का भुगतान करना होता है। यदि भुगतान समय पर नहीं किया जाता, तो बैंक या कार्ड जारीकर्ता जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है।

दूसरी ओर, पर्सनल लोन का भुगतान निश्चित मासिक किस्तों (EMI) के माध्यम से किया जाता है। ईएमआई की राशि पहले से तय होती है और ग्राहक को हर महीने पूरी किस्त जमा करनी होती है। किस्त नहीं चुकाने पर पेनाल्टी और अतिरिक्त ब्याज लगाया जा सकता है।

पात्रता के नियम

क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन के लिए पात्रता के मानदंड काफी हद तक समान होते हैं। किसी भी आवेदन को मंजूरी देने से पहले बैंक या वित्तीय संस्थान आवेदक की उम्र, आय, रोजगार की स्थिति और क्रेडिट स्कोर की जांच करते हैं।

आमतौर पर जिन लोगों का बैंक के साथ पहले से संबंध होता है, जैसे कि बचत खाता या वेतन खाता, उन्हें क्रेडिट कार्ड और लोन मिलने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है। वहीं, अच्छा क्रेडिट इतिहास रखने वाले ग्राहकों के आवेदन स्वीकृत होने की संभावना भी अधिक रहती है।

क्रेडिट कार्ड, शॉर्ट टर्म लोन और BNPL में क्या चुनें?

क्रेडिट कार्ड और शॉर्ट टर्म लोन दोनों का इस्तेमाल आमतौर पर तत्काल पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए किया जाता है, लेकिन दोनों की कार्यप्रणाली अलग होती है। क्रेडिट कार्ड रोजमर्रा के खर्चों और कम अवधि के लिए उधार लेने का सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। यदि निर्धारित समय के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाए तो ब्याज नहीं देना पड़ता।

क्रेडिट कार्ड की एक खासियत यह है कि कार्डधारक अपनी तय क्रेडिट लिमिट तक बार-बार खर्च कर सकता है। जब तक क्रेडिट लिमिट समाप्त नहीं होती, तब तक खरीदारी जारी रखी जा सकती है और जरूरत के अनुसार भुगतान किया जा सकता है। इसके अलावा रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य ऑफर्स जैसे अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं।

हालांकि, क्रेडिट कार्ड के कुछ नुकसान भी हैं। समय पर भुगतान न करने पर ऊंची ब्याज दरें लग सकती हैं। कई बार छिपे हुए शुल्क भी देने पड़ते हैं। वहीं, केवल न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान करते रहने से व्यक्ति लंबे समय तक कर्ज के जाल में फंस सकता है।

दूसरी ओर, यदि किसी व्यक्ति को एकमुश्त बड़ी राशि की जरूरत है तो शॉर्ट टर्म पर्सनल लोन बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसकी राशि को आसान मासिक किस्तों (EMI) में चुकाया जा सकता है, जिससे एक साथ बड़ा भुगतान करने का दबाव नहीं पड़ता। उदाहरण के तौर पर शादी के खर्च, पुराने कर्ज के भुगतान या किसी अन्य बड़े खर्च के लिए शॉर्ट टर्म लोन उपयोगी हो सकता है।

इसी तरह, BNPL यानी ‘बाय नाउ पे लेटर’ उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है जो अपनी खरीदारी की जरूरत और भुगतान की क्षमता को लेकर स्पष्ट होते हैं। इसमें सामान या सेवा तुरंत मिल जाती है और भुगतान बाद में किस्तों में किया जा सकता है।

अपना क्रेडिट स्कोर कैसे सुरक्षित रखें?

अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • लोन और क्रेडिट कार्ड के भुगतान नियमों तथा ड्यू डेट की पूरी जानकारी रखें।
  • क्रेडिट कार्ड बिल और लोन की EMI समय पर चुकाएं।
  • केवल न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान करने के बजाय पूरा बकाया चुकाने की कोशिश करें, ताकि ब्याज का बोझ न बढ़े।
  • बार-बार नए क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करने से बचें, क्योंकि इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।
  • अपनी आय और भुगतान क्षमता के अनुसार ही उधार लें, ताकि भविष्य में वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े।

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First Published - June 4, 2026 | 11:49 AM IST

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