Mother’s Day पर अक्सर हम अपनी मां को फूलों का गुलदस्ता, साड़ी या किसी अच्छे रेस्टोरेंट में डिनर पर ले जाते हैं। ये तोहफे उस पल के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन क्या हम उन्हें कुछ ऐसा दे सकते हैं जो उनके भविष्य को सच में सुरक्षित करे? भारत में करोड़ों माताएं बिना किसी सैलरी या पद के घर का पूरा बजट संभालती हैं, बचत करती हैं और मुसीबत के समय के लिए पैसे जोड़ती हैं। विडंबना यह है कि जो महिला पूरे घर का पैसा मैनेज करती है, अक्सर उसके अपने नाम पर कोई एसेट नहीं होता। इस मदर्स डे पर उन्हें सिर्फ फूल नहीं, बल्कि एक ‘एसेट’ (संपत्ति) गिफ्ट करें जो वक्त के साथ बढ़े और उन्हें असली आर्थिक आजादी दे।
हर मां के मन में अक्सर एक बिजनेस आइडिया होता है जो सालों से कहीं पीछे छूट गया होता है। किसी को कैटरिंग का काम शुरू करना था, तो किसी को बुटीक या डे-केयर सेंटर। उनके पास हुनर तो था, लेकिन समय और पैसों की कमी ने उन्हें रोक दिया। इस मदर्स डे पर आप उन्हें उनका खुद का काम शुरू करने में मदद कर सकते हैं।
महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने में मदद देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत महिलाएं 20 लाख रुपये तक का लोन ले सकती हैं। वहीं ‘स्टैंड-अप इंडिया’ योजना में 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का कर्ज मिलता है।
अलंकित लिमिटेड के बिजनेस हेड (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) राजीव शुक्ला का कहना है, “महिलाएं लंबे समय से घर का बजट और पैसों का हिसाब बहुत जिम्मेदारी से संभालती आई हैं, लेकिन बैंकिंग व्यवस्था में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है। BC सखी जैसे कार्यक्रम इसलिए अहम हैं, क्योंकि बैंकिंग सेवाएं गांव-गांव और ज्यादा लोगों तक तभी पहुंचेंगी, जब अधिक महिलाएं खुद इस काम से जुड़ेंगी।”
भारत में महिलाओं के नाम पर घर या जमीन खरीदना अब सिर्फ सम्मान से जुड़ी बात नहीं रह गई है, बल्कि यह एक समझदारी भरा आर्थिक फैसला भी माना जा रहा है। अगर आप मां के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो ज्यादातर राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी में 1 से 2 फीसदी तक की छूट मिलती है।
इसके अलावा कई बैंक महिलाओं को होम लोन पर कम ब्याज दर का फायदा भी देते हैं। इनकम टैक्स लॉ के सेक्शन 24(b) के तहत भी इसमें टैक्स से जुड़ी राहत मिल सकती है।
जमीन में निवेश की अहमियत बताते हुए राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन कहते हैं, “जमीन हमेशा से ऐसी संपत्ति रही है जिसकी अहमियत समय के साथ बनी रहती है, क्योंकि इसकी उपलब्धता सीमित होती है। दूसरी कई संपत्तियों की तरह इसकी वैल्यू समय के साथ कम नहीं होती, बल्कि लंबे समय में यह संपत्ति बनाने और आर्थिक मजबूती का जरिया बनती है।”
वे आगे कहते हैं कि भारत में जमीन का मालिक होना सिर्फ पैसों से जुड़ी बात नहीं है, बल्कि इससे भावनात्मक जुड़ाव भी होता है। ऐसे में मदर्स डे पर मां के नाम जमीन खरीदना उन्हें लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा और अपने नाम की स्थायी संपत्ति देने का एक खास तरीका हो सकता है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि भारतीय परिवारों में सोना हमेशा से सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता रहा है, खासकर माताओं के लिए। आप उन्हें गहने या सोने के सिक्कों के रूप में फिजिकल गोल्ड दे सकते हैं, लेकिन अब ‘गोल्ड ETF’ और ‘गोल्ड म्यूचुअल फंड’ जैसे विकल्प ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माने जा रहे हैं। बजट 2026 के बाद लागू हुए नए नियमों के चलते, नए निवेशकों के लिए ये विकल्प अब पहले से ज्यादा आसान हैं और टैक्स के नजरिए से भी बेहतर माने जा रहे हैं।
राजीव कहते हैं, “अगर आपकी मां की उम्र 60 साल से ज्यादा है, तो उनके लिए ऐसे निवेश विकल्प बेहतर हो सकते हैं, जहां से नियमित आमदनी मिलती रहे। ‘सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम’ (SCSS) इस समय 8.2 फीसदी तक ब्याज दे रही है। वहीं ‘पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम’ उन माताओं के लिए अच्छा विकल्प मानी जाती है, जो बिना जोखिम के हर महीने तय रकम पाना चाहती हैं।”
विजय के मुताबिक, जरूरी नहीं है कि तोहफा बहुत महंगा ही हो। आप अपनी मां के नाम पर सिर्फ 500 या 1,000 रुपये महीने की SIP भी शुरू कर सकते हैं। लंबे समय में यही छोटी रकम बड़ा फंड बन सकती है। इसके अलावा, उनके नाम पर डीमैट अकाउंट खोलकर किसी अच्छी कंपनी के कुछ शेयर गिफ्ट करना भी समझदारी भरा कदम हो सकता है। ऐसा तोहफा ज्यादा खास होता है, जो कुछ दिनों में भुला न दिया जाए, बल्कि समय के साथ उनकी आर्थिक मजबूती का सहारा बने।