Gold Investment: कभी शादी-ब्याह और त्योहारों की शान मानी जाने वाली सोने की ज्वेलरी अब धीरे-धीरे भारतीयों की पहली पसंद नहीं रह गई है। ऊंची कीमतों और बदलते निवेश रुझानों के बीच लोगों का झुकाव गहनों से हटकर सोने को एक निवेश विकल्प के रूप में देखने की ओर बढ़ रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, मार्च तिमाही में भारत में सोने की निवेश मांग पहली बार आभूषण खपत से आगे निकल गई।
देश में इस वर्ष जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 151 टन रही। WGC की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच निवेश मांग में आई मजबूत वृद्धि है। अब सोने की मांग का रुझान बदलता हुआ दिख रहा है, जहां आभूषण के बजाए निवेश के लिए खरीद तेजी से बढ़ रही है।
Also Read: Gold Investment का क्रेज बढ़ा: 2025 में खपत का 40% हिस्सा निवेश का, भारत में उभरा नया ट्रेंड
WGC ने कहा कि तिमाही के दौरान ज्वेलरी डिमांड पर दबाव रहा और यह सालाना आधार पर 19 फीसदी घटकर 66 टन रह गई। ऊंची कीमतों का असर खासकर कीमत के प्रति संवेदनशील वर्गों में खपत पर पड़ा है। वहीं दूसरी तरफ तिमाही के दौरान सोने की छड़ों, सिक्कों और ईटीएफ के जरिए निवेश मांग 54 फीसदी बढ़कर 82 टन हो गई। इस बढ़ोतरी ने आभूषण मांग में आई गिरावट की काफी हद तक भरपाई कर दी।
WGC ने पूरे वर्ष के लिए सोने की मांग 650-750 टन के बीच रहने का अनुमान जताया है, जबकि पिछले साल यह 712 टन थी। हाल के महीनों में सोने की बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित किया है। WGC की 2026 की पहली तिमाही में ‘गोल्ड डिमांड ट्रेड्स’ नाम से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में देश की कुल सोने की मांग 137 टन थी। मूल्य के लिहाज से, 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही में मांग लगभग दोगुनी होकर सालाना आधार पर 99 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 2,27,500 करोड़ रुपये (25 अरब डॉलर) तक पहुंच गई।
Also Read: Quant MF ने उतारा नया SIF, सेक्टर रोटेशन स्ट्रैटेजी पर फोकस; किसे करना चाहिए निवेश?
WGC के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने कहा, “2026 की पहली तिमाही में भारत का सोना बाजार मात्रा के रुझान और मूल्य वृद्धि के बीच अंतर को दर्शाता है, जो रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं से प्रभावित है। कुल मांग 151 टन रही, जो 2025 की पहली तिमाही की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा है, जबकि मूल्य के लिहाज से मांग लगभग दोगुनी होकर 99,900 करोड़ रुपये हो गई, जो सालाना आधार पर 99 फीसदी की वृद्धि को दर्शाती है।”
घरेलू बाजार में सोने की कीमत (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर) 2026 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 81 फीसदी बढ़कर औसतन 1,51,108 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 83,375 रुपये थी। सोने की छड़ों और सिक्कों की मांग 34 फीसदी बढ़कर 62 टन हो गई, जो 2013 के बाद पहली तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है। मूल्य के लिहाज से यह मांग 142 फीसदी बढ़कर 94,100 करोड़ रुपये हो गई, जो पारंपरिक रूप से ज्वेलरी बाजार से अलग रुझान को दर्शाती है।
(PTI इनपुट के साथ)