facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

चूक गए ITR भरना तो जान लीजिये कितना भरना पड़ेगा जुर्माना

Advertisement

31 जुलाई की डेडलाइन चूकने का मतलब है कि आयकर विभाग (IT) एक्ट की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये का विलंब शुल्क (Late Fee) लगा सकता है।

Last Updated- August 01, 2024 | 10:09 AM IST
ITR refund

ITR Filling: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई बीत चुकी है। आयकर विभाग (IT) ने समय सीमा नहीं बढ़ाई है, ऐसे में आयकरदाता जो आईटीआर की समय सीमा चूक गए हैं, उन्हें 31 दिसंबर, 2024 तक विलंबित रिटर्न दाखिल करते समय दंड के रूप में अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा।

आयकर अधिनियम की धारा 139 (4) के अनुसार, 31 जुलाई की समय सीमा के बाद दाखिल आयकर रिटर्न (ITR) को विलंबित रिटर्न कहा जाता है।

कितना भरना पड़ेगा जुर्माना

आमतौर पर टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल आता है कि तय समय पर आईटीआर दाखिल न करने पर क्या होगा? डेडलाइन के बाद भी आप आईटीआर दाखिल कर सकते है, मगर आपको ये तीन बड़े नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।

31 जुलाई की डेडलाइन चूकने का मतलब है कि आयकर विभाग (IT) एक्ट की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये का विलंब शुल्क (Late Fee) लगा सकता है। हालांकि, यदि आपकी आय 5 लाख रुपये से कम है, तो देर से दाखिल करने पर आपको 1000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

इसके अलावा, यदि कोई टैक्स देनदारी है, तो टैक्सपेयर्स को ड्यू डेट (Due date) से बकाया टैक्स अमाउंट पर आयकर अधिनियम की धारा 234A के अनुसार 1 प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।

समय पर आईटीआर दाखिल करने से चूक जाने पर क्या होता है ?

देर से आईटीआर दाखिल करने पर दंड का सामना करने के अलावा, आयकरदाताओं को कुछ लाभ और विशेषाधिकार भी मिलते हैं जो उन्हें समय सीमा से पहले रिटर्न भरने पर मिलते है।

Advertisement
First Published - August 1, 2024 | 10:04 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement