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पोस्ट ऑफिस स्कीम्स में करते हैं निवेश? अब हर ट्रांजैक्शन के लिए यह डॉक्यूमेंट जरूरी, नहीं तो होगी परेशानी

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डाकघर की बचत योजनाओं में अब पैन कार्ड जरूरी हो गया है। टैक्स चोरी रोकने के लिए फॉर्म 15G/15H की जगह नया फॉर्म 121 और सख्त नियम लागू हुए हैं

Last Updated- May 05, 2026 | 3:24 PM IST
PAN Card
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अब डाकघर में बचत खाता खुलवाना हो या फिर अपनी जमा पूंजी निवेश करनी हो, आपके पास कार्ड होना जरूरी हो गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लेनदेन में पारदर्शिता लाने और टैक्स चोरी रोकने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। सरकार के इस कदम का सीधा मकसद पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं को बैंकिंग सिस्टम के बराबर लाना है, ताकि हर पैसे का हिसाब-किताब और उसकी ट्रेल (निशान) मौजूद रहे। आइए विस्तार से समझते हैं कि इन नए नियमों का आपकी बचत और निवेश पर क्या असर पड़ेगा।

इन कामों के लिए पैन कार्ड हुआ जरूरी

नए नियमों के लागू होने के बाद, अब डाकघर में लगभग हर जरूरी काम के लिए पैन कार्ड देना होगा। पहले की तरह अब केवल पहचान पत्र दिखाकर काम नहीं चलेगा। मुख्य रूप से इन कामों के लिए पैन कार्ड जरूरी है:

  • नया खाता खुलवाना: अगर आप पोस्ट ऑफिस में किसी भी तरह का नया खाता खुलवाना चाहते हैं।
  • पैसे जमा करना और निकालना: खातों में राशि जमा करने या उससे निकासी करने के दौरान।
  • इन्वेस्टमेंट स्कीम्स: टाइम डिपॉजिट (TD) या अन्य छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मानना है कि इस सख्ती से ट्रांजैक्शन का एक स्पष्ट ऑडिट ट्रेल बनेगा, जिससे यह पता लगाना आसान होगा कि पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है।

अगर पैन कार्ड नहीं है, तो क्या होगा?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या बिना पैन कार्ड के डाकघर में काम नहीं होगा? जवाब है कि काम तो होगा, लेकिन कागजी कार्रवाई बढ़ जाएगी।

जिन ग्राहकों के पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें अब फॉर्म 97 भरकर एक डिक्लेरेशन (घोषणा) देनी होगी। यह पुराने ‘फॉर्म 60’ की जगह लेगा। फॉर्म 97 पुराने फॉर्म के मुकाबले ज्यादा मुश्किल है। इसमें आपको निम्नलिखित जानकारियां देनी होंगी:

  1. आपका नाम और पूरा पता।
  2. लेनदेन का प्रकार (आप क्या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं)।
  3. लेनदेन का पूरा पैसा।
  4. सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट (पहचान और पते के सबूत)।

ध्यान रहे कि बिना पैन कार्ड वाले लेनदेन की जांच-परख ज्यादा बारीकी से होगी, इसलिए इसमें सामान्य से अधिक समय लग सकता है।

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TDS से बचने के लिए अब केवल एक फॉर्म

टैक्स कटौती (TDS) को लेकर भी एक बड़ा बदलाव किया गया है। पहले 60 साल से कम उम्र के लोग ‘फॉर्म 15G’ भरते थे और सीनियर सिटीजन ‘फॉर्म 15H’ का इस्तेमाल करते थे। अब इन दोनों की जगह एक ही फॉर्म 121 ने ले ली है।

यह बदलाव चीजों को आसान बनाने के लिए किया गया है। अब आपकी उम्र चाहे कुछ भी हो, अगर आपकी सालभर की कमाई टैक्स के दायरे में नहीं आती और आप चाहते हैं कि आपके ब्याज पर टैक्स न कटे, तो बस आपको फॉर्म 121 भरकर जमा करना होगा।

फॉर्म 121 से जुड़ी जरूरी बातें:

  • यह फॉर्म हर वित्त वर्ष (Financial Year) की शुरुआत में अलग से भरना होगा।
  • यह सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जिन पर पूरे साल में कोई टैक्स बनता ही नहीं है।
  • पोस्ट ऑफिस के अधिकारी इस फॉर्म का पार्ट-बी खुद भरेंगे/वेरिफाई करेंगे और इस रिकॉर्ड को 7 साल तक संभालकर रखा जाएगा।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

डाकघर की बचत योजनाएं हमेशा से सुरक्षित और भरोसेमंद मानी जाती हैं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद आपको कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • डॉक्यूमेंट्स का बोझ: अब हर छोटे-बड़े काम के लिए पैन कार्ड साथ रखना होगा, जिससे कागजी काम थोड़ा बढ़ गया है।
  • कड़ी निगरानी: अब डाकघर से मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की सीधी नजर रहेगी। इसे आपके टैक्स रिटर्न से मिलाया जाएगा।
  • बैंकिंग जैसा अनुभव: अब पोस्ट ऑफिस और बैंक के नियम लगभग एक जैसे हो गए हैं। दोनों जगह रिपोर्टिंग और नियमों का पालन (compliance) भी एक ही तरीके से करना होगा।

अभी के लिए डाकघर पुराने और नए दोनों सिस्टम साथ-साथ चला रहा है। जब तक पूरा सिस्टम अपडेट नहीं हो जाता, तब तक पुराने फॉर्म (15G/15H) भी कुछ समय तक चलते रहेंगे, लेकिन आगे चलकर सब कुछ नए फॉर्म और पैन-आधारित सिस्टम पर ही शिफ्ट हो जाएगा।

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First Published - May 5, 2026 | 3:24 PM IST

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