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नया साल, नया मनी प्लान! निवेश, बचत और वेल्थ बनाने की रणनीति, याद रखें एक्सपर्ट के 4 टिप्स

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नए साल की नई शुरुआत के बीच एक्सपर्ट के नजरिए से समझते हैं कि निवेशक को 2026 में किन बातों पर फोकस करना चाहिए।

Last Updated- January 06, 2026 | 12:22 PM IST
Investment 2026
Representational Image

Investment 2026: नया साल 2026 शुरू हो गया है। कमाई, बचत और निवेश को लेकर भी नए साल में कुछ न कुछ रिजॉल्यूशन हर कोई लेता है। नए निवेशक जहां नई शुरुआत के लिए विकल्प और तरीकों पर बात करेंगे, वहीं जो लोग पहले से निवेश कर रहे हैं, वो कुछ न कुछ बदलाव या डायवर्सिफिकेशन के बारे में सोच रहे होंगे। हर कोई अपनी-अपनी समझ और तरीकों से ​अपनी फाइनैंशल प्लानिंग बनाता और उस पर आगे बढ़ता है। निवेश के तेजी से उभरते विकल्पों की बात करें तो शेयर बाजार और म्युचुअल फंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नए साल की नई शुरुआत के बीच एक्सपर्ट के नजरिए से समझते हैं कि निवेशक को 2026 में किन बातों पर फोकस करना चाहिए, जिससे कि कमाई, बचत और निवेश का संतुलन बना रहे, वेल्​थ बनता रहे और फाइनैंशल लक्ष्यों को हासिल करना आसान रहे।

क्या जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा लिया है?

निवेश की ​शुरुआत करने से पहले यह सुनि​श्चित कर लेना बेहद जरूरी है कि क्या आपने पर्याप्त जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा कवर लिया है या नहीं? अगर नहीं है या पर्याप्त नहीं है, तो 2026 में सबसे पहले आप ये दोनों कवर जरूर करा लें। जीवन बीमा आपके परिवार और आप पर निर्भर लोगों को उस समय आ​र्थिक मदद करता है, जब कोई अनहोनी होती है।

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इसी तरह, पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा भी रखना जरूरी है। क्योंकि आज के समय में स्वास्थ्य का खर्च इतना ज्यादा हो गया है कि अगर आपको या परिवार के किसी सदस्य को अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए तो आपकी अच्छी खासी बचाई गई रकम इजाल और अस्पताल का बिल भरने में खर्च हो सकती है। इससे आपके निवेश की योजना और निवेश के लक्ष्यों के लिए कदम आगे बढ़ा पाना बेहद मु​श्किल हो जाएगा।

क्या फाइनैंशल लक्ष्यों की समीक्षा की?

नए साल में सबसे अहम बात कि अपने फाइनैंशल लक्ष्यों की समीक्षा करें। ऐसा इसलिए जरूरी है कि हर साल बाजार में उठापटक, रिस्क प्रोफाइल, इनकम और खर्चों में उतार-चढ़ाव है। ऐसे में इस बात का आकलन करना अहम हो जाता कि क्या आपने निवेश के जिन एसेट क्लास में पैसा लगाया है, उनकी परफार्मेंस कैसी चल रही है, जो​खिम उठाने की क्षमता कम-ज्यादा हुई है या फिर आपके फाइनैंशल लक्ष्य हासिल करने को लेकर कैसा संकेत है? इसलिए अपने फाइनैंशल लक्ष्यों की समीक्षा जरूर करें और निवेश की परफॉर्मेंस, कमाई, बचत और रिस्क प्रोफाइल के आधार पर उसमें बदलाव करने के बारे में रिसर्च करें।

मार्केट साइकिल समझना क्यों जरूरी?

नए साल के साथ हमेशा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बाजार में निवेश का साइकिल कैसा भी हो आपको धैर्य रखना चाहिए। मार्केट साइकिल में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक बात है। कभी बाजार तेजी में होता है तो कभी मंदी में, लेकिन ऐसे समय में निवेश बनाए रखना सबसे जरूरी होता है। घबराकर निवेश निकालने से नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें: Equity-Linked Savings Scheme: चटपट के फेर में न आएं, लंबी रकम लगाएं अच्छा रिटर्न पाएं

ऐसे में अगर पर धैर्य रखते हैं और लंबे समय तक निवेश में बने रहते हैं, उन्हें बाजार के पूरे साइकिल का लाभ भी आपको मिलेगा। नियमित निवेश, जैसे एसआईपी, बाजार की गिरावट में भी औसत लागत कम करने में मदद करता है। मार्केट साइकिल का इतिहास बताता है कि यह समय के साथ संभलता है और नया हाई बनाता है। इसलिए शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव में पैनिक होने की बजाय लंबी अव​धि के लक्ष्यों को हासिल करने पर फोकस करना चहिए।

SIPs शुरू करें या निवेश बढ़ाएं?

कहा जाता है कि नई शुरुआत करने से ही नए मौके बनते हैं। इसलिए अगर म्युचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेट प्लान (SIP) के जरिए निवेश शुरू कर सकते हैं। वहीं अगर पहले से निवेश कर रहे हैं तो SIP की रा​शि बढ़ा सकते हैं। SIPs शुरू करना या मौजूदा निवेश को बढ़ाना दोनों ही समझदारी भरे फैसले हो सकते हैं।

एसआईपी के जरिए नियमित निवेश करने से बाजार की गिरावट का फायदा मिलता है और औसत लागत कम होती है। वहीं, जिन निवेशकों की कमाई स्थिर है और वे अपने लक्ष्यों को लेकर स्पष्ट हैं, वे अपने निवेश की राशि बढ़ाकर लंबे समय में बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। निवेश हमेशा जोखिम उठाने की क्षमता और समय सीमा के अनुसार करना जरूरी है।

(नोट: यह सलाह/जानकारी बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर अमित कुमार निगम से बातचीत पर आधारित है।)

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First Published - January 6, 2026 | 12:22 PM IST

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