facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नॉमिनी या वारिस? दादा-दादी की FD पर असली हकदार कौन, कानून क्या कहता है

Advertisement

दादा-दादी की FD पर पोते-पोतियों का सीधा अधिकार नहीं होता, पैसा कानूनी उत्तराधिकार और वसीयत के आधार पर तय प्रक्रिया से मिलता है।

Last Updated- April 25, 2026 | 2:19 PM IST
inheritance law
प्रतिनिधि चित्र (एआई जनरेटेड इमेज)

परिवार में किसी सदस्य के निधन के बाद अक्सर बैंक में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य संपत्तियों को लेकर सवाल उठते हैं। खासकर यह भ्रम आम है कि क्या पोते-पोतियों का अपने दादा-दादी की FD पर सीधा अधिकार होता है? अगर वसीयत नहीं है तो पैसा कौन और कैसे प्राप्त कर सकता है? इन्हीं सवालों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से अपनी राय दी है, जिससे स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिक्स्ड डिपॉजिट का पैसा सीधे पोते-पोतियों को स्वतः नहीं मिलता। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया और उत्तराधिकार कानूनों का पालन करना जरूरी होता है।

क्या पोते-पोतियों का सीधा अधिकार होता है?

इस विषय पर Ezeepay के MD और CMO राशिद अली बताते हैं कि यह मान लेना गलत है कि पोते-पोतियों का अपने दादा-दादी की फिक्स्ड डिपॉजिट पर तुरंत अधिकार हो जाता है।

उनके अनुसार, किसी भी बैंक जमा राशि पर अधिकार कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे:

  • क्या कोई वसीयत (Will) बनाई गई है या नहीं
  • क्या किसी को नॉमिनी बनाया गया है
  • परिवार में कानूनी उत्तराधिकार कौन हैं

अगर वसीयत नहीं है, तो संपत्ति का बंटवारा सामान्य पारिवारिक मान्यताओं के आधार पर नहीं बल्कि कानून के अनुसार होता है।

राशिद अली यह भी स्पष्ट करते हैं कि नॉमिनी होना इसका मतलब नहीं कि वही अंतिम मालिक होगा। नॉमिनी केवल एक संरक्षक की तरह काम करता है, जबकि असली अधिकार कानून के अनुसार कानूनी उत्तराधिकारियों के पास होता है।

नॉमिनी और कानूनी उत्तराधिकारी में अंतर

एक बहुत बड़ा भ्रम यह है कि बैंक में दर्ज नॉमिनी ही पैसे का मालिक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सही नहीं है।

  • नॉमिनी सिर्फ पैसे को बैंक से प्राप्त करने की जिम्मेदारी निभाता है
  • असली अधिकार उत्तराधिकार कानून के अनुसार तय होता है
  • अंतिम फैसला कानूनी उत्तराधिकारियों के अधिकारों के आधार पर होता है

इसलिए परिवारों को यह समझना जरूरी है कि नॉमिनी और मालिकाना हक एक जैसी चीज नहीं हैं।

बिना वसीयत के पैसा कैसे मिलेगा?

इस विषय पर एडवोकेट अश्विनी कुमार, फाउंडर ऑफ My Legal Expert बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना वसीयत के होती है, तो संपत्ति का बंटवारा कानून के अनुसार किया जाता है।

उनके अनुसार, फिक्स्ड डिपॉजिट का पैसा प्राप्त करने के लिए आमतौर पर अदालत से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) लेना जरूरी होता है।

Also Read | दिव्यांग यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! रेलवे ने बदले नियम, अब सफर होगा और आसान

इस प्रक्रिया में व्यक्ति को यह साबित करना होता है कि वह मृतक का कानूनी उत्तराधिकारी है।

पोते-पोतियों का अधिकार कब बनता है?

एडवोकेट अश्विनी कुमार स्पष्ट करते हैं कि पोते-पोतियों का अधिकार सीधे नहीं बल्कि उनके माता-पिता के माध्यम से बनता है।

उनके अनुसार:

  • पोते-पोती को तभी अधिकार मिलता है जब उनके माता-पिता का निधन दादा-दादी से पहले हो चुका हो
  • ऐसे मामलों में माता-पिता का हिस्सा आगे बच्चों को मिल सकता है
  • अगर वसीयत मौजूद है, तो संपत्ति केवल उसी के अनुसार बंटेगी
  • यह नियम केवल तब लागू होता है जब व्यक्ति की मौत बिना वसीयत (intestate) के हो

इसका मतलब है कि हर स्थिति में पोते-पोतियों को सीधे अधिकार नहीं मिलता, बल्कि यह पारिवारिक और कानूनी स्थिति पर निर्भर करता है।

बैंक से पैसे लेने की कानूनी प्रक्रिया क्या है?

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और उसकी फिक्स्ड डिपॉजिट पर दावा करना है, तो प्रक्रिया सामान्य तौर पर इस तरह होती है:

1. कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र

परिवार को सबसे पहले यह साबित करना होता है कि वे मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी हैं। इसके लिए कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) लिया जाता है।

2. उत्तराधिकार प्रमाण पत्र

अगर मामला जटिल हो या बैंक अधिक दस्तावेज मांगता है, तो अदालत से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। यही दस्तावेज बैंक को पैसा जारी करने के लिए सबसे मजबूत कानूनी आधार देता है।

3. नॉमिनी की भूमिका की जांच

अगर नॉमिनी दर्ज है तो बैंक पहले उसे भुगतान कर सकता है, लेकिन बाद में कानूनी उत्तराधिकारी अपना दावा अदालत में कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज कौन से होते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक से FD क्लेम करने के लिए सामान्यतः ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:

  • मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र
  • उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
  • बैंक FD के दस्तावेज
  • पहचान और पते के प्रमाण

कई मामलों में Surviving Member Certificate भी प्रक्रिया को आसान बनाता है।

विवाद होने पर क्या होता है?

अगर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होता है तो मामला अदालत तक जा सकता है। ऐसे मामलों में:

  • सिविल कोर्ट में केस दायर किया जाता है
  • संपत्ति के बंटवारे के लिए partition suit किया जा सकता है
  • अधिकार तय होने तक बैंक पैसा रोक सकता है

उत्तराधिकार कानून क्या कहता है?

भारत में उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में अलग-अलग कानून लागू होते हैं, जैसे:

  • भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925
  • हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956

ये कानून यह तय करते हैं कि बिना वसीयत के संपत्ति किसे और किस अनुपात में मिलेगी।

परिवारों के लिए क्या सीख है?

दोनों विशेषज्ञों की राय से यह साफ होता है कि फिक्स्ड डिपॉजिट या किसी भी संपत्ति के मामले में केवल भावनाओं या पारिवारिक समझ के आधार पर निर्णय नहीं होता।

राशिद अली के अनुसार, नॉमिनेशन और वसीयत को समय पर अपडेट करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

वहीं अश्विनी कुमार कहते हैं कि अगर पहले से सही दस्तावेज तैयार हों, तो परिवारों को कानूनी प्रक्रिया में बहुत कम परेशानी होती है और संपत्ति का हस्तांतरण भी आसानी से हो जाता है।

Advertisement
First Published - April 25, 2026 | 2:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement