कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ला खड़ी करती है जहां अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है और समझ नहीं आता कि क्या किया जाए। अगर आपने भविष्य के लिए PPF में पैसे जमा किए हैं तो हो सकता है वही मुश्किल वक्त में आपके काम आ जाए। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ बचत और टैक्स बचाने का जरिया मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जरूरत पड़ने पर इसी खाते से लोन भी लिया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए न तो लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और न ही ज्यादा ब्याज का दबाव होता है। यानी आपका अपना बचाया हुआ पैसा ही जरूरत के समय सहारा बन सकता है, बिना निवेश को पूरी तरह तोड़े।
PPF लोन दरअसल आपके अपने खाते में जमा पैसे के बदले लिया जाने वाला छोटा कर्ज होता है। जब मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ जाती है, तब यह एक आसान विकल्प बन जाता है। इस लोन के लिए आप खाता खोलने के तीसरे से लेकर छठे वित्तीय वर्ष के बीच ही आवेदन कर सकते हैं।
लोन लेने के लिए सबसे पहले आपको फॉर्म D भरना होता है, जो आपके नजदीकी पोस्ट ऑफिस या उसी बैंक की ब्रांच से मिल जाता है जहां आपका PPF खाता है। फॉर्म भरते समय आपको अपना PPF अकाउंट नंबर, कितनी रकम का लोन चाहिए, पासबुक की कॉपी और एक लिखित घोषणा देनी होती है कि आप समय पर लोन और उसका ब्याज चुका देंगे। इसके बाद भरा हुआ फॉर्म उसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा कर देना होता है। पूरी प्रक्रिया सीधी है और ज्यादा समय नहीं लेती।
सभी PPF अकाउंट होल्डर्स लोन की सुविधा ले सकते हैं, लेकिन कुछ शर्तें हैं। प्रीमैच्योर विदड्रॉल के लिए अभी योग्य न हों, यानी खाता खुलने के शुरुआती सालों में। लोन सिर्फ तीसरे वित्तीय वर्ष से लेकर छठे वित्तीय वर्ष तक ही उपलब्ध है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने 2023-24 में खाता खोला तो 2025-26 से 2028-29 के बीच लोन ले सकते हैं। यह शॉर्ट टर्म लोन है जिसे 36 महीने में चुकाना जरूरी है। अगर पहले लोन समय पर चुकाया जाए तो छठे वर्ष से पहले दूसरा लोन भी लिया जा सकता है।
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लोन की अधिकतम राशि आपके PPF खाते के बैलेंस पर निर्भर करती है। आप 25 प्रतिशत तक लोन ले सकते हैं। यह प्रतिशत उस बैलेंस का होता है जो लोन आवेदन वाले वर्ष से ठीक दो वर्ष पहले के अंत में था।
मान लीजिए लोन लेने वाले साल से दो साल पहले आपके खाते में 4 लाख रुपये थे, तो आप अधिकतम 1 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं। इससे ज्यादा नहीं मिलेगा। यह नियम इसलिए है ताकि खाते की बचत ज्यादा प्रभावित न हो।
PPF लोन पर ब्याज काफी कम रखा गया है, इसलिए यह सस्ता कर्ज माना जाता है। अगर आप लिया गया लोन 36 महीने के अंदर चुका देते हैं, तो आपको सिर्फ 1 प्रतिशत सालाना ब्याज देना पड़ता है। लेकिन अगर आप 36 महीने के बाद लोन चुकाते हैं, तो ब्याज बढ़कर 6 प्रतिशत सालाना हो जाता है, और यह ब्याज लोन मिलने की तारीख से ही गिना जाता है।
एक जरूरी बात ध्यान रखने वाली है कि जब तक आपका लोन चल रहा होता है, उस दौरान आपके PPF खाते पर उतने पैसे का ब्याज नहीं जुड़ता। इसलिए कोशिश यही करनी चाहिए कि लोन समय पर चुका दें, ताकि नुकसान कम हो। ब्याज की गणना लोन मिलने वाले महीने के पहले दिन से शुरू होती है।
लोन चुकाने की समय सीमा 36 महीने है। पहले प्रिंसिपल यानी मूल राशि को पूरा करना पड़ता है। इसे एकमुश्त या किस्तों में चुकाया जा सकता है। प्रिंसिपल चुकाने के बाद ब्याज को दो या उससे कम किस्तों में देना होता है।
अगर ब्याज का कुछ हिस्सा नहीं चुकाया गया तो बाकी राशि सीधे आपके PPF खाते से काट ली जाएगी। इसलिए प्लानिंग करके समय पर पेमेंट करें ताकि खाते का बैलेंस सुरक्षित रहे।
PPF लोन जरूरत के समय काम आता है लेकिन लंबे समय की बचत को ध्यान में रखकर ही लें। नियमों का पालन करने से टैक्स फायदे और ब्याज भी बरकरार रहते हैं।