जब आप अपने परिवार की फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए लाइफ कवर लेने जाते हैं, तो आमतौर पर दो बड़े ऑप्शन सामने आते हैं: टर्म इंश्योरेंस और ट्रेडिशनल प्लान। दोनों का मकसद आपको और आपके परिवार को सिक्योरिटी देना ही होता है, लेकिन यह काम अलग-अलग तरीके से करता है और इनसे मिलने वाले फायदे भी काफी अलग होते हैं। इसलिए ये समझना बहुत जरूरी है कि आपकी जरूरत और बजट के हिसाब से कौन सा प्लान आपके लिए ज्यादा सही रहेगा।
टर्म इंश्योरेंस को इंश्योरेंस का सबसे आसान और सीधा रूप माना जाता है। इसका मुख्य मकसद सिर्फ रिस्क कवर देना होता है। इसमें आप एक तय समय के लिए पॉलिसी लेते हैं, जैसे 20, 30 या 40 साल और इस दौरान अगर पॉलिसीहोल्डर के साथ कुछ अनहोनी हो जाती है तो परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है।
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ट्रेडिशनल प्लान में एंडोमेंट, मनी बैक और होल लाइफ जैसी पॉलिसियां शामिल होती हैं। भारत में आज काफी लोग इन प्लान्स को पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें पैसा वापस मिलने की गारंटी होती है।
हाल ही में लागू हुए ‘सबका बीमा सबकी रक्षा एक्ट 2025’ और IRDAI के नए दिशा निर्देशों ने इंश्योरेंस मार्केट को काफी बदल दिया है। अगर आपकी उम्र कम है और परिवार की जिम्मेदारी ज्यादा है, जैसे बच्चों की पढ़ाई या होम लोन चुकाना, तो टर्म प्लान आपके लिए ज्यादा मुनासिब रहता है। ये कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा देता है।
वहीं अगर आप सेविंग्स भी साथ-साथ करना चाहते हैं, गारंटीड रिटर्न्स पसंद करते हैं और लंबे समय का प्लान सोच रहे हैं, तो ट्रेडिशनल प्लान बेहतर हो सकता है।
दोनों प्लान्स में टैक्स बेनिफिट लगभग एक जैसे होते हैं, प्रीमियम पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है और डेथ या मैच्योरिटी बेनिफिट पर 10(10D) के तहत टैक्स फ्री मिलता है। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि ट्रेडिशनल प्लान में मिलने वाला रिटर्न बाजार से जुड़ा नहीं होता, बल्कि पूरी तरह इंश्योरेंस कंपनी के परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। ये दोनों प्लान्स अपनी अपनी जगह पर मजबूत हैं। टर्म प्लान सिर्फ सुरक्षा के लिए बना है, जबकि ट्रेडिशनल प्लान सुरक्षा के साथ साथ एक तरह से सेविंग करने का एक तरीका भी मुहैया कराता है।