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समय पर भुगतान के बाद भी क्यों नहीं बढ़ता CIBIL स्कोर? एक्सपर्ट ने बताए कारण और उपाय

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समय पर भुगतान के बावजूद CIBIL स्कोर न बढ़ने की वजह उच्च क्रेडिट उपयोग, बार-बार लोन आवेदन और कमजोर क्रेडिट मिक्स हो सकते हैं।

Last Updated- April 28, 2026 | 3:12 PM IST
Loans on poor CIBIL Score
Representative image

आज के वित्तीय दौर में क्रेडिट स्कोर आपकी आर्थिक विश्वसनीयता का सबसे अहम पैमाना बन चुका है। भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला स्कोर TransUnion CIBIL द्वारा जारी किया जाता है, जिसे आमतौर पर CIBIL स्कोर कहा जाता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और जितना ज्यादा स्कोर, उतनी बेहतर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल मानी जाती है।

क्रेडिट स्कोर दरअसल आपके पूरे उधार व्यवहार का रिकॉर्ड होता है। इसमें आपके लोन, क्रेडिट कार्ड, भुगतान का इतिहास, बकाया और आवेदन जैसी सभी जानकारियां शामिल होती हैं। बैंक और वित्तीय संस्थान इसी स्कोर के आधार पर तय करते हैं कि आपको लोन देना है या नहीं, और किस ब्याज दर पर देना है।

इसके बावजूद कई लोग शिकायत करते हैं कि समय पर EMI और बिल चुकाने के बाद भी उनका स्कोर 720 या 750 के आसपास ही रुक जाता है।

फिनटेक कंपनी Ezeepay के एमडी और सीएमओ राशिद अली तथा LoansJagat की को-फाउंडर सारिका ग्रोवर के अनुसार, यह एक आम गलतफहमी है कि सिर्फ समय पर भुगतान करने से ही स्कोर तेजी से बढ़ता है। उनके मुताबिक, क्रेडिट स्कोर कई फैक्टर्स का मिश्रण होता है।

उच्च क्रेडिट उपयोग बनता है बड़ी बाधा

राशिद अली के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा लगातार इस्तेमाल करता है, तो यह जोखिम भरा व्यवहार माना जाता है। भले ही भुगतान समय पर किया जा रहा हो, लेकिन ज्यादा उपयोग स्कोर की ग्रोथ को सीमित कर देता है।

बार-बार लोन आवेदन से भी पड़ता है असर

विशेषज्ञ कहते हैं कि कम समय में कई बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना भी स्कोर को प्रभावित करता है। हर आवेदन के साथ क्रेडिट रिपोर्ट पर एक हार्ड इंक्वायरी दर्ज होती है, जो स्कोर को नीचे खींच सकती है।

क्रेडिट मिक्स और पुरानी गलतियों का असर

राशिद अली के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के पास केवल एक ही प्रकार का कर्ज है, तो उसे कमजोर क्रेडिट प्रोफाइल माना जाता है। इसके अलावा, पुराने डिफॉल्ट या भुगतान में हुई देरी का असर लंबे समय तक स्कोर पर बना रह सकता है।

सुधार के लिए अपनाएं ये रणनीति

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि स्कोर सुधारने के लिए लगातार अच्छा व्यवहार जरूरी है। समय पर भुगतान करें, क्रेडिट का उपयोग सीमित रखें और बिना जरूरत के नए कर्ज से बचें। साथ ही सुरक्षित और असुरक्षित कर्ज का संतुलन बनाए रखना भी फायदेमंद होता है।

क्रेडिट रिपोर्ट की जांच है जरूरी

राशिद अली यह भी कहते हैं कि कई बार समस्या व्यवहार में नहीं, बल्कि क्रेडिट रिपोर्ट की गलती में होती है। इसलिए समय-समय पर अपनी रिपोर्ट जांचना जरूरी है ताकि किसी भी गलत एंट्री को तुरंत सुधारा जा सके।

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जल्दबाजी से बचें, अनुशासन अपनाएं

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि स्कोर बढ़ाने के लिए कई लोग एक साथ कई क्रेडिट कार्ड खोल लेते हैं या अनावश्यक लोन ले लेते हैं, जो उल्टा असर डालता है। उनका कहना है कि बेहतर स्कोर के लिए अनुशासित और संतुलित वित्तीय व्यवहार ही सबसे कारगर तरीका है।।

CIBIL स्कोर न बढ़ने के प्रमुख कारण

LoansJagat की को-फाउंडर सारिका ग्रोवर के अनुसार, केवल समय पर भुगतान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी क्रेडिट प्रोफाइल का संतुलन जरूरी होता है।

स्कोर प्रभावित करने वाली प्रमुख आदतें

  • समय पर EMI न भरना या देरी करना
  • क्रेडिट लिमिट का ज्यादा उपयोग करना
  • केवल मिनिमम ड्यू का भुगतान करना
  • बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना
  • पुराने डिफॉल्ट या सेटलमेंट का रिकॉर्ड
  • पर्याप्त क्रेडिट हिस्ट्री या क्रेडिट मिक्स का अभाव
  • पुराने क्रेडिट कार्ड बंद कर देना
  • बार-बार क्रेडिट रिपोर्ट इंक्वायरी होना

इन सभी व्यवहारों को बैंक हाई रिस्क मानते हैं, जिससे स्कोर लंबे समय तक कम रह सकता है।

CIBIL स्कोर सुधारने के लिए क्या करें?

सारिका ग्रोवर के अनुसार, स्कोर सुधारने के लिए अनुशासित वित्तीय आदतें जरूरी हैं:

  • सभी EMI और बकाया समय पर चुकाएं
  • क्रेडिट उपयोग 30% से कम रखें
  • केवल मिनिमम नहीं, पूरा भुगतान करें
  • नए लोन और कार्ड के लिए बार-बार आवेदन से बचें
  • पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद न करें
  • संतुलित क्रेडिट मिक्स बनाए रखें
  • क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों को तुरंत सुधारें

जिन लोगों की कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, उन्हें शुरुआत से मजबूत क्रेडिट रिकॉर्ड बनाना जरूरी होता है।

क्रेडिट रिपोर्ट की गलती भी हो सकती है वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार स्कोर कम होने की वजह व्यवहार नहीं बल्कि क्रेडिट रिपोर्ट में गलत एंट्री भी होती है। इसलिए समय-समय पर रिपोर्ट जांचना जरूरी है।

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First Published - April 27, 2026 | 3:17 PM IST

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