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अमेरिकी दबाव बेअसर, रूस बना भारत का नंबर वन तेल सप्लायर

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अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, हालांकि आयात पहले के मुकाबले कम हुआ है।

Last Updated- March 17, 2026 | 2:18 PM IST
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अमेरिका के कड़े दबाव के बावजूद रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है और देश के कुल तेल आयात में इसकी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है। मैरिटाइम इंटेलिजेंस फर्म कैप्लर से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, 27 फरवरी तक रूस से भारत का क्रूड ऑयल आयात 11 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) दर्ज किया गया।

आंकड़ों से पता चला है कि फरवरी में सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सबसे ज्यादा 403,000 बीपीडी रूस से क्रूड खरीदा। इसके बाद रूस समर्थित नायरा एनर्जी ने 369,000 बीपीडी, भारत पेट्रोलियम ने 177,000 बीपीडी और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 161,000 बीपीडी खरीदा।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, मैंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी जैसी अन्य भारतीय रिफाइनरियों ने इस फरवरी माह में रूस से तेल नहीं लिया। भले ही अभी भारत भारी मात्रा में रूस से तेल खरीद रहा हो, लेकिन यह खरीद पहले दर्ज किए गए लगभग 20 लाख बीपीडी के चरम स्तर से लगभग 50 प्रतिशत गिर गई है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि रिफाइनरियों, मुख्य रूप से आरआईएल ने पश्चिम द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने से बचने के लिए रूसी तेल की खरीद में काफी कटौती की है। नवंबर 2025 तक आरआईएल भारतीय रिफाइनरियों में रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार था।

फरवरी में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया कि भारत ने रूसी तेल के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात को रोकने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, भारत सरकार ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह भी कहा कि भारत रूसी तेल को बदलने के लिए अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से ज्यादा ऊर्जा खरीदेगा, उन्होंने कहा कि इस कदम से यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी।

ट्रंप ने 21 नवंबर से दो प्रमुख रूसी तेल उत्पादकों (रोसनेफ्ट और लुकोइल) पर भी प्रतिबंध लगाए थे, जिनकी भारत को तेल बेचने में हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। साथ ही, यूरोपीय संघ के 18वें प्रतिबंध पैकेज के तहत ब्लॉक ने रूसी क्रूड से प्राप्त रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट्स के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया।

रूसी तेल की कम खरीदारी की भरपाई करने के लिए भारत ने इराक, सऊदी अरब और यूएई  सहित पश्चिम एशिया में अपने पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीद बढ़ा दी है। भारत ने फरवरी में 10 लाख बीपीडी क्रूड ऑयल इराक, 991,000 बीपीडी सऊदी अरब, यूएई से 590,000 बीपीडी आयल और ब्राजील से 315,000 बीपीडी आयात किया। इस बीच, इसी फरवरी में अमेरिका से क्रूड ऑयल का आयात 184,000 बीपीडी रहा, जबकि पिछले महीने यह 297,000 बीपीडी था।

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First Published - February 28, 2026 | 12:40 PM IST

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