facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Apple की भारत में धमाकेदार ब्रिकी, FY25 में बेच डाले 9 अरब डॉलर के iPhone

Advertisement

FY25 में दुनिया भर में बने हर पांच में से एक iPhone भारत से आया था और देश ने Apple के वैश्विक उत्पादन मूल्य में 12% का योगदान दिया

Last Updated- November 20, 2025 | 10:32 PM IST
Apple iPhones

आईफोन बनाने वाली ऐपल इंडिया ने वित्त वर्ष 2024-25 में 9 अरब डॉलर की घरेलू बिक्री का आंकड़ा छू लिया। इससे कंपनी राजस्व के लिहाज से देश की शीर्ष 10 विनिर्माण बहुराष्ट्रीय कंपनियों में शामिल हो गई। अमेरिका और भारत में कंपनी ने शेयर बाजार को बताया है कि इसके बावजूद यह ऐपल के वैश्विक राजस्व 416.1 अरब डॉलर में महज 2 फीसदी हिस्सेदारी है।

फिर भी, आईफोन के उत्पादन में भारत की भूमिका एक अलग कहानी बयां करती है। वित्त वर्ष 2025 में दुनिया भर में बने हर पांच में से एक आईफोन भारत से आया था और देश ने ऐपल के वैश्विक उत्पादन मूल्य में 12 फीसदी योगदान दिया। ऐपल ने पहली बार भारत में प्रो और प्रो मैक्स जैसे आईफोन के सबसे महंगे मॉडल की असेंबलिंग भी भारत में ही शुरू की।

घरेलू बाजार का आकार यों समझिएः वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका से करीब 178.4 अरब डॉलर की कमाई हुई, जो ऐपल के वैश्विक राजस्व की करीब 43 फीसदी है। इसके अलावा, इन आईफोन का बढ़ता हिस्सा भारत से भेजा गया। इसके बाद 111 अरब डॉलर यानी 26.7 फीसदी के साथ यूरोप का स्थान रहा।

64.3 अरब डॉलर यानी 15.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ग्रेटर चीन, 28.7 अरब डॉलर यानी 6.9 फीसदी हिस्सेदारी के साथ जापान और 24.7 अरब डॉलर यानी 5.91 फीसदी हिस्सेदारी के साथ एशिया-प्रशांत के अन्य देशों (इसमें भारत, चीन, जापान शामिल नहीं) का स्थान रहा।

पिछले एक दशक में भारत में ऐपल का राजस्व लगभग आठ गुना बढ़ा है। इसका मुख्य कारण आईफोन, मैकबुक, आईपैड, एयरपॉड्स और अन्य सहायक उपकरण हैं। कुल बिक्री में सेवाओं का हिस्सा छोटे से एक अंक में है।

वित्त वर्ष 2025 में ऐपल इंडिया के राजस्व में आईफोन का योगदान लगभग 6 अरब डॉलर रहा, जो उसके 9 अरब डॉलर के राजस्व का 65 फीसदी से भी अधिक है। यह वैश्विक राजस्व से कहीं अधिक है, जहां आईफोन का योगदान 209 अरब डॉलर यानी ऐपल की कुल बिक्री का 50 फीसदी था।

Advertisement
First Published - November 20, 2025 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement