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अगले साल भी वृद्धि की रफ्तार बने रहने की वाहन उद्योग को उम्मीद

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Last Updated- December 18, 2022 | 4:15 PM IST
SIAM: Retail sale in August

कोविड-19 के आघात से उबरने के बाद भारतीय वाहन उद्योग ने नए उत्सर्जन एवं सुरक्षा मानकों की वजह से बढ़ती लागत और ब्याज दरों में हो रही बढ़ोतरी के बावजूद वर्ष 2023 में सतत विकास की रफ्तार बनाए रखने की उम्मीद लगाई हुई है। कुछ दिनों में खत्म होने वाला साल 2022 भारतीय वाहन उद्योग के लिए बेहतरीन साबित हुआ है।

सेमीकंडक्टर की कमी के बावजूद भी वर्ष 2022 में यात्री वाहन ने दर्ज की रिकॉर्ड बिक्री

आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं और सेमीकंडक्टर की कमी का असर होने के बावजूद वर्ष 2022 में यात्री वाहन (PV) खंड में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज किए जाने की संभावना दिख रही है। लेकिन दोपहिया वाहनों की बिक्री में साल के अधिकांश समय तक उछाल नहीं देखी गई है। वाहन उद्योग के मुताबिक, इस साल यात्री वाहनों की बिक्री करीब 38 लाख इकाई तक पहुंच सकती है। तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन खंड में भी पिछले साल की तुलना में अच्छी वृद्धि देखी गई है। वाहन विनिर्माता इस गति को अगले साल में भी जारी रखने के लिए उत्सुक होंगे।

वर्ष 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में आएगी तेजी

उद्योग पर्यवेक्षकों के मुताबिक वर्ष 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में भी तेजी देखने को मिलेगी। वर्ष 2022 में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी देखी गई है खासकर दोपहिया खंड में। हालांकि नए साल में वाहन खरीदने की इच्छा रखने वालों के लिए खबर शायद अच्छी न हो। इसकी वजह यह है कि अगले साल वाहन की कीमतें बढ़ने वाली हैं। कंपनियां एक अप्रैल, 2023 से सख्त उत्सर्जन मानदंडों के अनुरूप खुद को ढालने और प्रौद्योगिकी को अपनाने पर आने वाली लागत का बोझ खरीदारों पर ही डालेंगे। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंदै जैसी कई कंपनियां पहले ही कह चुकी हैं कि वे जनवरी से कीमतें बढ़ाने जा रही हैं। इसके अलावा, बढ़ती ब्याज दरों और बिगड़ती वैश्विक आर्थिक स्थिति का आने वाले दिनों में भारत पर पड़ने वाला असर भी भारतीय वाहन उद्योग को सतर्क रहने को मजबूर किए हुए है।

वर्ष 2023 शायद उद्योग के लिए काफी अच्छा होगा- आर सी भार्गव

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा, ‘कीमत में वृद्धि का हमेशा बिक्री पर एक निश्चित नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लेकिन हमें अभी नहीं मालूम है कि कीमतें कितनी बढ़ेंगी और इनपुट लागत और विदेशी मुद्रा विनिमय की क्या स्थिति होगी। ऐसी अनिश्चितताएं हमेशा बनी रहेंगी।’ हालांकि उन्होंने कहा कि घरेलू कार उद्योग में पिछले कुछ महीनों में नई जान आई है और सेमीकंडक्टर की किल्लत भी 2023 में समाप्त होने जा रही है। भार्गव ने कहा, ‘हमारा अनुमान होगा कि अगला साल शायद उद्योग के लिए काफी अच्छा साल होगा। हमें अगर 2022 से बेहतर नहीं तो कम-से-कम इतना अच्छा प्रदर्शन करना ही चाहिए।’ उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए कारों, विशेष रूप से अधिक एसयूवी मॉडल पेश करती रहेगी।

नए मानकों को लागू करने से बढ़ सकती है वाहनों की लागत

वाहन उद्योग के निकाय ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि यात्री वाहन उद्योग ने अप्रैल 2022 से ईंधन दक्षता नियमों के दूसरे चरण को अपनाया था और अप्रैल 2023 से बीएस-6 उत्सर्जन मानदंडों के दूसरे चरण को भी पूरा करने के लिए कमर कस रहा है। उन्होंने कहा कि 2023 में यात्री वाहनों के लिए विभिन्न नए सुरक्षा नियमों को लागू करने पर भी चर्चा चल रही है। लेकिन नए मानकों को लागू करने से वाहनों की लागत बढ़ सकती है और वैश्विक मंदी के रुझान के साथ मिलकर यह वर्ष 2023 में चिंता का सबब बन सकता है।

यह भी पढ़े: अब पुराने वाहनों का भी भारत श्रृंखला में कराया जा सकेगा पंजीकरण

महंगाई से प्रभावित होगी वाहनों की मांग

इसके अलावा बढ़ती मुद्रास्फीति के साथ ब्याज दरों में लगातार हुई बढ़ोतरी भी वाहनों की मांग को प्रभावित कर सकती है। हालांकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के कार्यकारी निदेशक (वाहन एवं कृषि क्षेत्र) राजेश जेजुरिकर उद्योग की मौजूदा बिक्री गति को बनाए रखने के बारे में आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा, ‘M&M में सभी मॉडल निर्धारित मानकों के अनुरूप बीएस-6 मानदंडों का पालन करेंगे। कीमत एवं लागत का अंतर उतना अधिक नहीं होना चाहिए जितना बीएस-4 से बीएस-6 संक्रमण के समय रहा था।’

टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (यात्री वाहन एवं इलेक्ट्रिक वाहन) शैलेश चंद्र ने कहा कि उद्योग पर मुद्रास्फीति के दबाव जैसे व्यापक आर्थिक कारकों के प्रभाव को देखना होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं कहूंगा कि इस साल उच्च वृद्धि होने जा रही है लेकिन अगले साल उच्च आधार प्रभाव होने और तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच वृद्धि के स्तर के बारे में कुछ कहना मुश्किल होगा।’

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First Published - December 18, 2022 | 4:14 PM IST

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