facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Auto Sales July 2024: वाहनों की खुदरा बिक्री बढ़ी, फाडा ने कहा- स्टॉक बनी है सबसे बड़ी चिंता

Advertisement

देश के कई भागों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उछाल, वाहनों की अच्छी उपलब्धता और नए मॉडलों की शुरुआत की बदौलत यह इजाफा हुआ है।

Last Updated- August 05, 2024 | 10:03 PM IST
SIAM Auto Sales in March 2026

देश में वाहनों की खुदरा बिक्री में जुलाई में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14 प्रतिशत तक का आकर्षक इजाफा हुआ है। देश के कई भागों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उछाल, वाहनों की अच्छी उपलब्धता और नए मॉडलों की शुरुआत की बदौलत यह इजाफा हुआ है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अनुसार हालांकि इस अवधि के दौरान यात्री वाहनों में 10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है, लेकिन यात्री वाहनों में बिना बिके वाहनों का स्टॉक स्तर बढ़कर 67 से 72 दिनों के ऐतिहासिक शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है, जो 73,000 करोड़ रुपये के स्टॉक के बराबर है।

यह बात डीलरों के लिए बड़ा जोखिम पेश करती है। जुलाई 2023 में स्टॉक का स्तर केवल 50 से 55 दिन था, जो 49,833 करोड़ रुपये के स्टॉक के बराबर था। दूसरी तरफ जून 2024 में यह 62 से 67 दिनों के बीच देखा गया और स्टॉक का मूल्य 60,000 करोड़ रुपये था।

फाडा के उपाध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने कहा ‘एक बाजार के रूप में हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी सबसे बड़ी चिंता स्टॉक है, जो अब तक का सबसे अधिक है। हम अपने मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) साझेदारों को इस बारे में बता रहे हैं। पहले छोटी कारों में स्टॉक का जमावड़ा लगा करता था, जो अब एसयूवी समेत सभी श्रेणियों में हो रहा है।

जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 17 प्रतिशत तक, यात्री वाहनों की बिक्री में 10 प्रतिशत तक, तिपहिया वाहनों की बिक्री में 13 प्रतिशत तक और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में छह प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है जिससे कुल खुदरा बिक्री में यह इजाफा तीव्र इजाफा दर्ज हुआ है। अलबत्ता ट्रैक्टरों का प्रदर्शन खराब बना रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत तक की गिरावट आई। तिमाही आधार पर भी वाहनों की बिक्री में 7.3 प्रतिशत की उछाल देखी गई है। जून के दौरान बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 0.73 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि हुई थी।

विग्नेश्वर ने कहा ने कहा कि समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मॉनसून के सकारात्मक प्रभाव और ग्रामीण आय बढ़ाने वाले सरकारी सहायता कार्यक्रमों की वजह से दोपहिया श्रेणी में खासा इजाफा देखा गया। कुछ क्षेत्रों में बाजार में मंदी, अत्यधिक बारिश और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद नए मॉडलों की पेशकश और स्टॉक की बेहतर उपलब्धता का भी बड़ा योगदना रहा।

छूट और ईएमपीएस योजना की समयसीमा के कारण इस श्रेणी में ईवी की बिक्री में भी वृद्धि देखी गई। दोपहिया वाहन श्रेणी में लगभग सभी कंपनियों ने अच्छी वृद्धि दिखाई, जिसमें बाजार की अग्रणी कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (10 प्रतिशत), होंडा मोटरसाइकिल ऐंड स्कूटर इंडिया (23 प्रतिशत), टीवीएस मोटर (18 प्रतिशत) और बजाज ऑटो (10 प्रतिशत) शामिल हैं।

नए मॉडल की पेशकश और मूल्य निर्धारण की आकर्षक रणनीतियों के कारण यात्री वाहनों की बिक्री में जोरदार इजाफा देखा गया। वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री में पिछले साल की तुलना में छह प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है और डीलरों ने मिश्रित धारणा की सूचना दी है।

Advertisement
First Published - August 5, 2024 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement