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डीपफेक पर सरकार सख्त: 3 घंटे में हटाना होगा AI कंटेंट, 20 फरवरी से नए डिजिटल नियम लागू

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी

Last Updated- February 10, 2026 | 7:14 PM IST
Social Media

सरकार ने मंगलवार को डीपफेक (Deepfake) सहित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार और बनावटी कंटेंट के मैनेजमेंट को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मस के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत एक्स (X) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्मस को किसी सक्षम अधिकारी या अदालतों द्वारा निर्देशित की गई ऐसी किसी भी कंंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा।

20 फरवरी से लागू होंगे नए नियम

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 में संशोधनों को नोटिफाई किया है। इसके जरिये औपचारिक रूप से एआई से तैयार (AI-generated) और बनावटी कटेंट (synthetic content) को परिभाषित किया गया है। ये नए नियम 20 फरवरी, 2026 से लागू होंगे।

संशोधनों में ‘ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल’ और ‘बनावटी रूप से तैयार की गई जानकारी’ को परिभाषित किया गया है, जिसमें एआई द्वारा निर्मित या परिवर्तित ऐसी सामग्री शामिल है जो वास्तविक या प्रामाणिक प्रतीत होती है। रेगुलर एडिटिंग, किसी कंटेंट को बेहतर बनाने और नेक नीयत से किए गए शैक्षिक या डिजाइन कार्यों को इस परिभाषा से बाहर रखा गया है।

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3 घटे में लेना होगा एक्शन

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नोटिफिकेशन में कहा कि प्रमुख परिवर्तनों में बनावटी कंटेंट को ‘सूचना’ के रूप में मानना शामिल है। आईटी नियमों के तहत गैरकानूनी कार्यों के निर्धारण के लिए एआई-जनरेटेड कंटेंट को अन्य सूचनाओं के समान माना जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा, यूजर्स की शिकायतों के निवारण की समयसीमा भी कम कर दी गई है।

AI जनरेटेड कंटेंट पर लेबलिंग जरूरी

नियमों के तहत एआई कंटेंट की अनिवार्य रूप से लेबलिंग जरूरी है। बनावटी कंटेंट बनाने या शेयर करने की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी कंटेंट पर स्पष्ट रूप से और प्रमुखता से लेबल लगाया जाए। जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचानकर्ताओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि मध्यवर्ती (इंटरमीडियरीज) एक बार एआई लेबल या मेटाडेटा लगाए जाने के बाद उन्हें हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकते।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - February 10, 2026 | 7:14 PM IST

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