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ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए धन शोधन बड़ा खतरा: रिपोर्ट

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रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) क्षेत्र वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2022-23 तक 28 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ वैश्विक बाजार में अग्रणी बन गया है।

Last Updated- October 24, 2024 | 2:42 PM IST
Income Tax Department collected TDS worth Rs 700 crore from online gaming, crypto business

तेजी से बढ़ते भारतीय ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के गंभीर खतरे का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इसकी निरंतर सफलता सुनिश्चित करने और देश की मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

डिजिटल इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में अवैध परिचालकों से निपटने के लिए एक कार्यबल बनाने, वैध संचालकों की श्वेत सूची बनाने, भ्रामक विज्ञापनों से निपटने तथा वित्तीय अखंडता व अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों को शामिल करने की वकालत की गई है। इसमें कहा गया है कि अन्य महत्वपूर्ण उपायों में जन जागरूकता तथा शिक्षा प्रदान करना शामिल है, ताकि उपयोगकर्ता सतर्क निर्णय ले सकें व भ्रामक व्यवहार में संलग्न मंच से बच सकें।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) क्षेत्र वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2022-23 तक 28 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ वैश्विक बाजार में अग्रणी बन गया है। अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र का राजस्व 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के सह-संस्थापक अरविंद गुप्ता ने कहा, ‘‘ अवैध परिचालकों पर अंकुश लगाने के नियामकीय प्रयासों के बावजूद कई मंच ‘मिरर साइट्स’, अवैध ब्रांडिंग और असंगत वादों के जरिये प्रतिबंधों को दरकिनार कर देते हैं। यह स्थिति कड़ी निगरानी तथा प्रवर्तन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।’’

रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा प्रवर्तन तंत्र की कमी के कारण कुख्यात अपराधियों के खिलाफ छिटपुट कार्रवाई हो रही है।

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First Published - October 24, 2024 | 2:42 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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