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Cabinet Decision: ₹4,600 के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी; ओडिशा, पंजाब, आंध्र में लगेंगे प्लांट

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अब तक ISM के तहत 6 राज्यों में कुल 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक का निवेश शामिल है।

Last Updated- August 12, 2025 | 4:51 PM IST
semiconductor

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission – ISM) के तहत चार नए सेमीकंडक्टर निर्माण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर ₹4,600 करोड़ का निवेश होगा और ये 2034 कुशल पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेंगे, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन भी करेंगे।

  • ओडिशा: SiCSem और 3D Glass Solutions Inc. 
  • पंजाब: Continental Device India Limited (CDIL)
  • आंध्र प्रदेश: Advanced System in Package (ASIP) Technologies

SiCSem Private Limited, ब्रिटेन की Clas-SiC Wafer Fab Ltd. के साथ साझेदारी में भुवनेश्वर के इन्फो वैली में सिलिकॉन कार्बाइड आधारित कंपाउंड सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करेगी।

  • सालाना उत्पादन क्षमता: 60,000 वेफर्स 
  • पैकेजिंग क्षमता: 96 मिलियन यूनिट्स
  • उपयोग: मिसाइल, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन, रेलवे, डाटा सेंटर, चार्जर्स, कंज्यूमर एप्लायंसेज, सोलर इनवर्टर आदि।

3DGS भुवनेश्वर में वर्टिकली इंटीग्रेटेड एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट लगाएगी जो ग्लास इंटरपोजर और 3D हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन (3DHI) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित होगी।

  • सालाना क्षमता: 
    • 69,600 ग्लास पैनल सब्सट्रेट्स
    • 50 मिलियन असेम्बल यूनिट्स
    • 13,200 3DHI मॉड्यूल्स
  • उपयोग: डिफेंस, AI, ऑटोमोबाइल, फोटोनिक्स, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग आदि।

ASIP Technologies, दक्षिण कोरिया की APACT Co. Ltd. के साथ साझेदारी में 96 मिलियन यूनिट्स सालाना की क्षमता वाला यूनिट लगाएगा।

  • उपयोग: मोबाइल फोन, सेट-टॉप बॉक्स, ऑटोमोबाइल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद।

Continental Device India Limited (CDIL) मोहाली स्थित अपनी मौजूदा फैक्ट्री को अपग्रेड करेगा।

  • उत्पादन:
    • MOSFETs, IGBTs, Schottky Diodes, ट्रांजिस्टर
  • सालाना क्षमता: 158.38 मिलियन यूनिट्स
  • उपयोग: ईवी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल एप्लिकेशन, पावर कन्वर्शन, कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर आदि।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब तक ISM के तहत 6 राज्यों में कुल 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक का निवेश शामिल है। इनमें देश का पहला कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और ग्लास सब्सट्रेट आधारित पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं।

सरकार द्वारा 278 अकादमिक संस्थानों और 72 स्टार्टअप्स को डिज़ाइन इंफ्रास्ट्रक्चर दिया गया है, और 60,000 से अधिक छात्र इस मिशन के तहत प्रशिक्षित हो चुके हैं। इससे भारत न केवल विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

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First Published - August 12, 2025 | 4:51 PM IST

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