facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ऐप डेवलपमेंट पहल का समर्थन करेगी Open AI

Advertisement

ग्लोबल इंडिया एआई समिट में ओपन एआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास नारायणन ने की घोषणा, भारतीय डेवलपर्स के लिए नए अवसर

Last Updated- July 03, 2024 | 11:08 PM IST
OpenAI Atlas Browser

चैटजीपीटी की मूल कंपनी ओपन एआई ने इंडिया एआई मिशन के तहत ऐप डेवलपमेंट पहल में भागीदारी के जरिये इस कार्यक्रम को अपना समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने आज यह जानकारी दी।

ओपन एआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास नारायणन ने कहा ‘इंडिया एआई मिशन की ऐप्लिकेशन डेवलपमेंट पहल का समर्थन करने के लिए ओपन एआई प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारतीय डेवलपर हमारे मॉडल पर निर्माण कर सकें और बड़े स्तर पर सामाजिक लाभ पहुंचा सकें तथा हम वाकई मंत्रालय के साथ बातचीत जारी रखने की उम्मीद कर रहे हैं और यह आकलन कर रहे हैं कि हम सबसे अधिक मूल्य कहां जोड़ सकते हैं।’

इंडिया एआई मिशन के सात स्तंभों में से एक के रूप में चिह्नित इस ऐप्लिकेशन डेवलपमेंट पहल का उद्देश्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों के विभागों और अन्य संस्थानों की समस्या की रिपोर्टों पर ध्यान देते हुए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है।

दिल्ली में ग्लोबल इंडिया एआई समिट को संबोधित करते हुए नारायणन ने कहा कि कंपनी बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसले लेते समय भारत को ध्यान में रख रही है। भारत में एआई के विकास के संबंध में बात करते हुए नारायणन ने कहा कि इस तकनीक ने भारत में पहले से ही गतिशील उद्यमी तंत्र की रफ्तार और गतिशीलता को बढ़ाया है।

उन्होंने कहा ‘उद्यमी बाजार के अंतर को समझते हैं। वे नवाचार वाले उत्पादों को विकसित कर रहे हैं और चैटजीपीटी जैसे टूल पूरी तरह नए ढंगों से इसे बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं। हम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की लागत कम कर रहे हैं। हम डेवलपरों को कोड लिखने में सक्षम कर रहे हैं और हम कंप्यूटिंग के लिए पूरी तरह से संवादात्मक और प्राकृतिक इंटरफेस सृजित करने में उनकी मदद कर रहे हैं।’

Advertisement
First Published - July 3, 2024 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement