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गांवों में बढ़ी कारों की चाहत: जनवरी में यात्री वाहनों की बिक्री 7% बढ़ी, मारुति सुजुकी का दबदबा बरकरार

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इस महीने ग्रामीण बाजार ने 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि शहरी बाजार में 2.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई

Last Updated- February 10, 2026 | 9:46 PM IST
Cars
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ग्रामीण बाजार में शानदार प्रदर्शन के कारण जनवरी में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 7.22 प्रतिशत बढ़कर 5,13,475 हो गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

कुल मिलाकर यात्री वाहन समेत वाहनों की समूची खुदरा बिक्री 17.6 प्रतिशत बढ़कर 27.2 लाख हो गई। जीएसटी के बाद भी बिक्री की रफ्तार जारी रही। इसे फसल कटाई और शादियों की वजह से गांवों में नकदी के बेहतर प्रवाह तथा परिवहन और माल ढुलाई में लगातार मांग दिखने की वजह से बढ़ावा मिला। अलबत्ता यात्री वाहनों के संयोजन की अगुआई अब भी 59.2 प्रतिशत की दर के साथ शहरों ने ही की और गांवों की हिस्सेदारी 40.8 प्रतिशत रही। इस महीने ग्रामीण बाजार ने 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि शहरी बाजार में 2.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

प्रतिस्पर्धा बढ़ने के संकेतों के तहत ह्युंडै मोटर कई महीनों के बाद 12.84 प्रतिशत (65,914 वाहन) बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान वाली कार विनिर्माता बन गई। इसके बाद टाटा मोटर्स 12.38 प्रतिशत (63,558 वाहन) और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा 12.34 प्रतिशत (63,366) का स्थान रहा। मारुति सुजूकी 42 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और 2,16,043 वाहन बिक्री के साथ पहले स्थान पर बनी रही। यह संख्या जनवरी 2025 के 2,14,494 से कुछ ज्यादा है।

फाडा के अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा, ‘इससे प्रमुख शहरों से इतर यात्री वाहनों की मांग के संरचनात्मक विस्तार में मजबूती दिखती है, जिसमें एसयूवी/कॉम्पैक्ट-एसयूवी की जोरदार पसंद, शुरुआत स्तर वाली कारों की वापसी, मॉडलों की उपलब्धता और लगातार जारी योजनाओं से मदद मिली है। खास बात यह है कि यात्री वाहनों के बिना बिके स्टॉक का स्तर लगातार कम होते हुए 32 और 34 दिनों के बीच रह गया, जो पूरे नेटवर्क में विपणन की बेहतर व्यवस्था और कार्यशील पूंजी की बेहतर दक्षता का सकारात्मक संकेतक है।’

इस महीने के दौरान दोपहिया श्रेणी 18.5 लाख वाहनों (सालाना आधार पर 20.82 प्रतिशत की वृद्धि) के साथ आगे रही। खास बात यह कि दोपहिया की मांग को ग्रामीण क्षेत्र में समर्थन मिलता रहा और ग्रामीण क्षेत्र की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत, जबकि शहरी की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही।

विघ्नेश्वर ने कहा, ‘जहां पोंगल, मकर संक्रांति, शादी-विवाह के सीजन में ग्राहकों की सख्या और खर्च उठाने की बेहतर क्षमता से ग्रामीण ब्रिकी सालाना आधार पर 19.77 प्रतिशत वृद्धि के साथ दमदार रही, वहीं हम शहरी बाजार में भी स्पष्ट सुधार देख रहे हैं, जो बढ़कर 22.19 प्रतिशत के स्तर पर जा रहा है। यह केवल त्योहारी खरीदारी से आगे बढ़कर मांग सामान्य होने का अच्छा संकेत है।’

वाणिज्यिक वाहनों ने 1,07,486 (15.07 प्रतिशत अधिक) बिक्री दर्ज की, जो माल ढुलाई और पुरानी के बदले नई गाड़ियों की खरीद के बेहतर मनोबल को दर्शाती है। तिपहिया वाहन 18.80 प्रतिशत वृद्धि के साथ दमदार स्तर पर बने रहे। दूसरी तरफ निर्माण संबंधी उपकरण पर दबाव बना हुआ है और इस श्रेणी की बिक्री जनवरी में 21.09 प्रतिशत नीचे पहुंच गई, जो अधिक आधार के असर तथा विशिष्ट श्रेणी के बदलाव का संकेत है।

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First Published - February 10, 2026 | 9:46 PM IST

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