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क्वांटम कंप्यूटिंग से राष्ट्रीय सुरक्षा को हो सकता है खतरा: Niti Aayog

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नीति आयोग की रिपोर्ट में क्वांटम तकनीक के संभावित लाभ और खतरों पर जोर, मजबूत नीतिगत ढांचे की आवश्यकता बताई।

Last Updated- March 05, 2025 | 10:30 PM IST
NITI Aayog

नीति आयोग के एक शोध पत्र में कहा गया है कि क्वांटम कंप्यूटिंग की वजह से सामने आ रहे अवसरों एवं खतरों से निपटने के लिए एक पुख्ता रणनीतिक ढांचा काफी जरूरी है। क्वांटम कंप्यूटिंगः नैशनल सिक्योरिटी इम्प्लीकेशंस ऐंड स्ट्रैटजिक प्रीपेयर्डनेस’ शीर्षक से जारी इस पत्र में कहा गया है कि क्वांटम तकनीक की मदद से भारत तेजी गति से प्रगति कर सकता है मगर इसके कुछ खतरे भी हैं जिन पर ध्यान देने और उनसे निपटने के लिए पर्याप्त उपाय किए जाने की जरूरत है।

सरकार को नीतिगत मामलों पर सुझाव देने वाले नीति आयोग ने बुधवार को क्वांटम कंप्यूटिंग से राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर पर एक व्यापक पत्र जारी किया जिसमें इस तकनीक के नफा एवं नुकसान दोनों पहलुओं का जिक्र किया गया।

यह रिपोर्ट नीति आयोग की फ्रंटियर टेक हब ने डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ मिलकर जारी की है। इसमें कहा गया है, ‘क्वांटक कंप्यूटिंग के फायदे हैं तो इसके कुछ नुकसान भी हैं। रक्षा, खुफिया विभाग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में यह तकनीक काफी फायदेमंद हो सकती है। मगर इस तकनीक में प्रगति के साथ ही देश को कुछ जोखिमों और अन्य अनजान मुसीबतों से निपटने के लिए भी तैयार रहना होगा।’

नीति आयोग ने डीएससीआई के साथ मिलकर फ्रंटियर टेक हब (एफटीएच) की शुरुआत की भी घोषणा की। एफटीएच भारत को तकनीक के मामले में आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण निभाएगा। पत्र में कहा गया है कि क्वांटम में प्रगति तो अच्छी बात है मगर सभी को थोड़ा चौकन्ना भी रहना पड़ेगा क्योंकि गलत हाथों में पड़ने पर यह तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है। पत्र के अनुसार इस तकनीक के बेजा इस्तेमाल से वित्तीय बाजार ध्वस्त हो सकते हैं, बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और डिजिटल भुगतान ढांचा चरमरा सकता है।

नीति आयोग के मुख्य कार्याधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत को नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक मानक स्थापित करने के साथ ही क्वांटम तकनीक की दिशा में अवश्य कदम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘महत्त्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा करने, रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने और हमारी डिजिटल संप्रभुता को मजबूत बनाने में क्वांटम तकनीक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है। मगर इस तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तकनीकी दक्षता के अलावा मजबूत दृष्टिकोण, मजबूत नीतिगत ढांचे, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था, प्रतिभा विकास और इसके बड़े स्तर पर इस्तेमाल की भी जरूरत होगी।’

पत्र में क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में दुनिया में निवेश का भी जिक्र किया गया है। चीन इसमें सबसे आगे चल रहा है जिसने 15 अरब डॉलर का निवेश किया है। इसके बाद अमेरिका ने 5 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि इन दोनों देशों के बाद यूरोप की बारी है जिसने 1.2 अरब डॉलर निवेश किए हैं। जहां तक भारत की बात है तो उसने इस तकनीक में 0.75 अरब डॉलर निवेश किए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्वांटम तकनीक में निवेश बढ़ने के साथ ही भारत को प्रतिस्पर्द्धी बने रहने और सुरक्षा से जुड़े जोखिम दूर करने के लिए अपना स्वयं का तंत्र मजबूत करना होगा।

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First Published - March 5, 2025 | 10:30 PM IST

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