facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

कम बिक रहीं छोटी कारें, मारुति ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

Advertisement

महीने के दौरान कंपनी की अल्टो, एस-प्रेसो जैसी छोटी कारों की बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले भारी भरकम 31.5 फीसदी की गिरावट आई है।

Last Updated- June 02, 2025 | 10:01 PM IST
Maruti Suzuki

देश की दिग्गज कार विनिर्माता मारुति सुजूकी ने भारत में छोटी कारों की मांग में सुधार के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। कंपनी ने आज कहा कि किफायती और ऋण मिलने में हो रही कठिनाइयों के कारण मांग में सुधार नहीं हो रहा है। इससे लोगों को दोपहिया से चार पहिया वाहन खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा कंपनी ने कहा कि उसे चीन द्वारा चुम्बकों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध का तुरंत कोई असर नहीं दिख रहा है। महीने के दौरान कंपनी की अल्टो, एस-प्रेसो जैसी छोटी कारों की बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले भारी भरकम 31.5 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने पिछले साल 9,902 गाड़ियों की बिक्री की थी, जो इस साल घटकर 6,776 रह गई।

मारुति सुजूकी के सेल्स ऐंड मार्केटिंग प्रमुख पार्थ बनर्जी ने कहा, ‘सरकार को यह समझना चाहिए कि लोग दोपहिया से चार पहिया वाहनों में अपग्रेड नहीं हो पा रहे हैं। सरकार को कोई उपाय निकालना होगा। अगर हम बड़ी और छोटी कारों को एक ही स्तर पर रखेंगे तो किफायती होना प्रमुख मुद्दा बन जाएगा।’

बनर्जी ने कहा कि कंपनी को छोटी कारों के लिए पूछताछ में कोई गिरावट नहीं नजर आ रही है मगर इस श्रेणी के संभावित ग्राहकों के पास सामर्थ्य और ऋण बाधाओं के कारण इसे खरीदना चिंता का कारण है। कंपनी ने कहा कि इन कारों में शामिल किए गए अतिरिक्त नए फीचर के कारण हाल के वर्षों में इनकी कीमतें बढ़ गई हैं।

उद्योग ने जानकारों का कहना है कि शुरुआती स्तर की कार खरीदार की औसत हर महीने की आमदनी 65,000 से 75,000 रुपये के बीच है, जबकि एसयूवी खरीदने वाले हर महीने औसतन 75,000 से 90,000 रुपये कमा रहे हैं। नौकरी बाजार में धीमी वृद्धि ने भी इस श्रेणी को प्रभावित किया है।

Advertisement
First Published - June 2, 2025 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement