facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

क्या है गूगल सर्च जेनरेटिव एआई

Advertisement

डेस्कटॉप पर गूगल क्रोम में एआई आधारित खोज को चुनने का विकल्प मिलेगा

Last Updated- August 31, 2023 | 11:17 PM IST
google search generative ai

गूगल ने गुरुवार को घोषणा की कि वह भारत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित खोज (गूगल सर्च) की सुविधा दे रही है। सर्च जेनरेटिव एक्सपीरियंस (एसजीई) कहे जाने वाली यह सुविधा गूगल सर्च पर जेनरेटिव एआई आधारित अनुभव को एक नया आयाम देगी।

गूगल सर्च पर उपयोगकर्ताओं को विकल्प के तौर पर एसजीई उपलब्ध कराया जाएगा। यह गूगल की नई पहल है। तो यह क्या है और कैसे काम करता है? आईए जानते हैं।

गूगल सर्च जेनरेटिव अनुभव क्या है?

यह जेनरेटिव एआई पर आधारित गूगल सर्च में एक नया अनुभव देता है। यह कई वेबसाइट के लिंक दिखाने के बजाय सर्च पेज पर उपयुक्त जानकारी देता है। इसमें खोज (सर्च) से जुड़े सवाल और कीवर्ड से संबंधित जानकारियां हो सकती हैं। इसका असली मकसद है कि गूगल सर्च जेनरेटिव का अनुभव करने वाले उपयोगकर्ताओं को सही जानकारी वाले लिंक के साथ-साथ एआई जानकारी के स्रोत के बारे में भी बताएगा। चूंकि भारत में अभी इसका परीक्षण हो रहा है इसलिए गूगल ने इसे अंग्रेजी और हिंदी भाषा में तैयार किया है। इसमें टेक्स्ट-टू-स्पीच सुविधा भी दी गई है, जो उपयोगकर्ताओं को खोज परिणामों को सुनने का भी विकल्प देता है।

यह कैसे काम करेगा?

गूगल सर्च का जेनरेटिव एआई आधारित संस्करण एसजीई है। यह कैसे काम करता है यह जानने के लिए जरूरी है कि गूगल सर्च के बारे में जानना होगा। पहले गूगल सर्च पर उपयोगकर्ताओं को वेबपेज के लिंक दिखते थे। इसमें उनके लिए उपयुक्त जानकारी होती थी और कभी-कभी नहीं भी होती थी।

एसजीई में उन लिंक की उपयुक्त जानकारी एक साथ की गई और उन्हें सबसे पहले दिखाया जाता है। इसके अलावा यह जानकारी के स्रोत को दिखाने के लिए भी लिंक देता है और फोटो के अनुभव को बढ़ाने के लिए अंत में फोटो परिणामों की भी जानकारी देता है।

उपयोगकर्ताओं को एसजीई में प्रासंगिक जानकारी मिलती है, जो गूगल सर्च के मौजूदा संस्करण में संभव नहीं था।

एसजीई अभी प्रायोगिक चरण में क्यों है?

प्रौद्योगिकी की दुनिया में एआई और मशीन लर्निंग अभी नए हैं। जेनरेटिव एआई की अपनी सीमाएं हैं। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस अधिक सटीक होने की जगह अभी मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर आधारित है। भले ही एआई मॉडल को बड़े आंकड़ों पर तैयार किया जाता है मगर वे फिर भी गलत हो सकते हैं। गूगल ने भी एसजीई पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। जैसे- खोज परिणामों (सर्च रिजल्ट) में गलतियां कम करने के प्रश्नों के प्रकार को सीमित करना। ऐसा इसलिए है कि गूगल का कहना है कि एसजीई भाषा की गलत व्याख्या कर सकता है जो नतीजों का अर्थ बदल सकता है।

क्या एसजीई भी गूगल सर्च की तरह विज्ञापन दिखाएगा?

गूगल विज्ञापनों के लिए पहले से बने जगह (स्लॉट) जारी रखेगा क्योंकि इसका कहना है, ‘यह लोगों को सही उत्पादों और सेवाओं को खोजने में मदद करता है।’ गूगल सर्च पेज पर विज्ञापन हमेशा की तरह ‘प्रायोजित’ लेबल के साथ दिखाई देंगे।

यह कब से उपलब्ध होगा?

एसजीई का प्रयोग डेस्कटॉप पर गूगल क्रोम में विकल्प चुनने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए यह 31 अगस्त से शुरू हो गया है। आने वाले सप्ताह में यह ऐंड्रॉयड और आईओएस के लिए गूगल ऐप पर उपलब्ध होगा।

Advertisement
First Published - August 31, 2023 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement