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निर्यात तैयारी सूचकांक में महाराष्ट्र शीर्ष पर, तमिलनाडु को पछाड़ा: नीति आयोग की रिपोर्ट

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सूचकांक में गुजरात चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर चढ़ गया। हालांकि उत्तर प्रदेश सातवें स्थान से चौथे स्थान और आंध्र प्रदेश आठवें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया।

Last Updated- January 15, 2026 | 9:28 AM IST
India Export

नीति आयोग के नवीनतम निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) के बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र ने तमिलनाडु को पछाड़ दिया है। महाराष्ट्र इस श्रेणी में सर्वाधिक तैयार राज्य के रूप में उभरा है। केंद्र सरकार के थिंक टैंक ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश ने प्रगति की। हालांकि कर्नाटक और हरियाणा शीर्ष पांच से बाहर हुए।

नवीनतम सूचकांक में गुजरात चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर चढ़ गया। हालांकि उत्तर प्रदेश सातवें स्थान से चौथे स्थान और आंध्र प्रदेश आठवें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया। इस क्रम में कर्नाटक तीसरे स्थान से फिसल कर छठे स्थान पर आ गया जबकि हरियाणा पांचवें स्थान से गिरकर 10वें स्थान पर आ गया।

थिंक टैंक ने राज्यों को दो श्रेणियों में बांटा है – बड़े राज्य (17 राज्य) और छोटे, उत्तर पूर्वी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश (19 राज्य)। इसमें राज्यों को प्राप्त अंकों के आधार पर लीडर्स (अग्रणी, चैलेंजर्स (दावेदार) और एस्पायर्स (आकांक्षी) में वर्गीकृत किया गया है। वर्गीकरण चार मुख्य आधारों पर किया गया है : निर्यात के लिए आधारभूत ढांचा, कारोबारी पारिस्थितिकीतंत्र, नीति व शासन और और निर्यात प्रदर्शन । इसमें महाराष्ट्र ने निर्यात के आधारभूत ढांचे को छोड़कर सभी में तमिलनाडु से अधिक अंक हासिल किए हैं।

महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान हासिल किया है लेकिन उसकी निर्यात करने की क्षमता में गिरावट आई है। महाराष्ट्र की निर्यात करने की क्षमता वित्त वर्ष 23 के 6.1 लाख करोड़ रुपये से 7.3 प्रतिशत गिरकर वित्त वर्ष 24 में 5.6 प्रतिशत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार यह गिरावट मुख्य तौर पर रत्न व आभूषण क्षेत्र में गिरावट के कारण आई। नीति आयोग ने कर्नाटक की निर्यात प्रतिस्पर्धा की प्रमुख चुनौतियों को उजागर किया। आयोग ने श्रमिकों की मजदूरी, रियल एस्टेट और विशेष तौर बेंगलूरु जैसे उभरते शहरों में ऊर्जा सहित उच्च संचालन लागत को उजागर किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ये लागते एसएमई पर दबाव डालती हैं। वैश्विक बाजार में मूल्य प्रतिस्पर्धा को कम करती है और कम लागत वाले क्षेत्रों की तुलना में नए निवेश को हतोत्साहित करती है।’

यह सूचकांक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है। इसमें निर्यात से संबंधित व्यापक मानदंडों का उपयोग कर राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों की खूबियों व कमियों का पता चलता है।

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First Published - January 15, 2026 | 9:28 AM IST

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