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खाद्य कीमतों में गिरावट थमने से दिसंबर में थोक महंगाई 8 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची

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मुख्य महंगाई दर में उतार चढ़ाव वाले खाद्य वस्तुओं और ईंधन के दाम शामिल नहीं होते। मुख्य महंगाई दर 34 माह के उच्च स्तर 2 प्रतिशत पर रही, जो इसके पहले महीने में 1.5 प्रतिशत थी।

Last Updated- January 15, 2026 | 9:25 AM IST
Wholesale Inflation

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित महंगाई दर दिसंबर में बढ़कर 8 महीने के उच्च स्तर 0.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अवस्फीति के दौर से अब महंगाई दर वृद्धि की ओर है।

थोक महंगाई दर में वृद्धि प्राथमिक रूप से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में संकुचन के दौर से बाहर आने की वजह से है। दिसंबर में खाद्य महंगाई शून्य पर स्थिर रही, जबकि नवंबर में -2.6 प्रतिशत थी। यह आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब भारत की खुदरा महंगाई दर दिसंबर में 3 महीने के उच्च स्तर 1.33 प्रतिशत पर रही है, जो नवंबर के 0.71 प्रतिशत से ज्यादा है।

डब्ल्यूपीआई के आंकड़ों के मुताबिक प्राथमिक खाद्य वस्तुओं में दिसंबर में -0.43 प्रतिशत अवस्फीति रही, जो नवंबर में -4.16 प्रतिशत थी। सब्जियों (-3.5 प्रतिशत), मोटे अनाज (-1.18 प्रतिशत), दलहन (-13.44 प्रतिशत) और प्याज (-54.40 प्रतिशत) की अवस्फीति पिछले महीने की तुलना में कम रही। बहरहाल दिसंबर में धान (0.15 प्रतिशत) और फलों (1.97 प्रतिशत) पर महंगाई का दबाव रहा, जो नवंबर के आंकड़ों के विपरीत है।

मुख्य महंगाई दर में उतार चढ़ाव वाले खाद्य वस्तुओं और ईंधन के दाम शामिल नहीं होते। मुख्य महंगाई दर 34 माह के उच्च स्तर 2 प्रतिशत पर रही, जो इसके पहले महीने में 1.5 प्रतिशत थी।

इक्रा में वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा, ‘दिसंबर 2025 में क्रमिक आधार पर मुख्य महंगाई दर में 0.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जो 19 माह में सबसे तेज बढ़ोतरी है। इससे जिंसों की वैश्विक कीमतों में वृद्धि और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट के असर का पता चलता है। रुपये में गिरावट के कारण आयात मूल्य पर दबाव बढ़ा है।’ इक्रा का अनुमान है कि थोक खाद्य महंगाई दर जनवरी 2026 में और बढ़ेगी। केयरएज रेटिंग्स में मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा, ‘आगे की स्थिति देखें तो शानदार कृषि गतिविधियों, अनुकूल आधार और जलाशयों का स्तल पर्याप्त रहने के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों के दबाव पर लगाम लगने की उम्मीद है।’

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First Published - January 15, 2026 | 9:25 AM IST

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