Auto Sales India April 2026: भारत में कुल ऑटोमोबाइल खुदरा बिक्री अप्रैल में 12.94 प्रतिशत बढ़कर 26,11,317 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी महीने के 23,12,221 यूनिट से अधिक है। इस तरह नए वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत रही। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) ने मंगलवार को रिटेल बिक्री के आंकड़े जारी किए।
फाडा ने बयान में कहा कि जीएसटी 2.0 से कीमतों में कमी, आरबीआई की अनुकूल ब्याज दर नीति, मजबूत रबी सीजन के बाद ग्रामीण कैश फ्लो और लंबे विवाह सीजन ने इंडस्ट्री प्रदर्शन को मजबूती दी।
पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट में खुदरा बिक्री अप्रैल में रिकॉर्ड 4,07,355 यूनिट रही, जो अप्रैल 2025 के 3,63,028 यूनिट के मुकाबले 12.21 प्रतिशत अधिक है। टू-व्हीलर्स की बिक्री भी इस साल अप्रैल में 19,16,258 यूनिट के साथ अब तक के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने के 16,95,638 यूनिट से 13.01 प्रतिशत ज्यादा है।
थ्री-व्हीलर्स की बिक्री अप्रैल में 1,06,908 यूनिट रही, जो पिछले साल के 99,741 यूनिट के मुकाबले 7.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी 15.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और बिक्री 99,339 यूनिट रही, जो अप्रैल 2025 के 86,364 यूनिट से अधिक है।
फाडा के वाइस प्रेसिडेंट साई गिरिधर ने कहा कि भारतीय ऑटो रिटेल इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद मजबूत तरीके से की है। अप्रैल 2026 में 26,11,317 यूनिट की बिक्री के साथ 12.94 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई, जो हमारे रिकॉर्ड में अप्रैल का अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
उन्होंने कहा कि छह में से पांच व्हीकल्स कैटेगरी और कुल उद्योग ने अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर हासिल किया है, जो यह दर्शाता है कि FY26 की दूसरी छमाही में दिखी मांग की मजबूती नए वित्त वर्ष में भी जारी है। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भारत (ग्रामीण क्षेत्र) का मेट्रो शहरों से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला, जहां ग्रामीण बिक्री 20.40 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 7.11 प्रतिशत रही।
गिरिधर ने कहा कि यह टियर-3 और ग्रामीण भारत में पर्सनल व्हीकल्स उपयोग के बढ़ते विस्तार को दिखाता है, जिसे छोटे कारों की वापसी, एसयूवी की मांग और वैकल्पिक ईंधन वाहनों के बढ़ते विकल्पों से समर्थन मिल रहा है। सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी 22.62 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी बढ़कर 5.77 प्रतिशत हो गई।
उन्होंने बताया कि पैसेंजर व्हीकल का इन्वेंट्री स्तर बढ़कर 28-30 दिनों के दायरे में आ गया है, जो मार्च 2026 के 28 दिनों से थोड़ा अधिक है, लेकिन अभी भी बेहतर स्तर में है। उन्होंने कंपनियों से अपील की कि वे डिस्पैच नियंत्रित रखें ताकि इन्वेंट्री 21 दिनों के आदर्श स्तर के करीब बनी रहे।
अगले तीन महीनों के आउटलुक पर फाडा ने कहा कि डीलरों का भरोसा स्थिर बना हुआ है और 50.90 प्रतिशत डीलर अब भी वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जो पिछले सर्वे के 49.81 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। टू-व्हीलर्स के लिए ग्रामीण मांग, कृषि आय और नए उत्पादों का लॉन्च सपोर्ट देगा। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मई महीने में विवाह सीजन के चलते मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, जबकि जून-जुलाई में मांग सामान्य हो सकती है, इसके बाद त्योहारों का सीजन शुरू होगा।
फाडा ने कहा कि कुल मिलाकर अगले तीन महीनों का आउटलुक संतुलित लेकिन सतर्कता के साथ पॉजिटिव है। हालांकि, फाडा ने चेतावनी दी कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा अनुमानित अधिक गर्मी, पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन कीमतों में संभावित वृद्धि, साथ ही कुछ मॉडलों की आपूर्ति संबंधी चुनौतियां दो-पहिया सेगमेंट को प्रभावित कर सकती हैं।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट के लिए पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के साथ-साथ तरलता (लिक्विडिटी) एक अहम कारक रहेगा, जिस पर नजर रखनी होगी।